BMC चुनाव से पहले सियासत गरमाई, अमित साटम बोले– मुंबईकर तय कर चुके हैं, मेयर महायुति का ही होगा
Swaraj Times Desk: बीएमसी चुनाव 2026 से पहले महाराष्ट्र की राजनीति में बयानबाज़ी तेज़ होती जा रही है. मुंबई बीजेपी अध्यक्ष अमित साटम ने शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे के बयान पर कड़ा पलटवार किया है. साटम ने कहा कि उद्धव ठाकरे ने उन्हें व्यक्तिगत रूप से नहीं, बल्कि मुंबई के मध्यमवर्गीय मराठी समाज का अपमान किया है.
“मैं आम मराठी परिवार से आता हूं”
अमित साटम ने कहा, “मैं किसी बड़े राजनीतिक परिवार से नहीं आता. मैं एक सामान्य मराठी मध्यवर्गीय परिवार से हूं. उद्धव ठाकरे ने जो शब्द इस्तेमाल किए, वो मेरे लिए नहीं बल्कि मुंबई के मेहनतकश मराठी लोगों के लिए थे.” उन्होंने आरोप लगाया कि ठाकरे परिवार हमेशा वंशवाद की राजनीति करता रहा है, जबकि बीजेपी ज़मीन से जुड़कर काम करती है.
“बीएमसी में भगवा ही लहराएगा”
बीजेपी नेता ने दावा किया कि मुंबईकरों का मन बन चुका है और आने वाले बीएमसी चुनाव में महायुति की जीत तय है. साटम ने कहा, “मुंबई में भगवा लहराएगा और मेयर महायुति का ही बनेगा.” उन्होंने राज ठाकरे के कार्यकर्ताओं के व्यवहार पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि इससे मुंबई की राजनीतिक संस्कृति खराब हो रही है.
विकास बनाम वंशवाद
अमित साटम ने उद्धव ठाकरे पर हमला बोलते हुए पूछा, “25 साल में उद्धव ठाकरे ने मराठी समाज के लिए कौन सा ठोस काम किया?” उन्होंने कहा कि बीजेपी ने BDD चॉल जैसे प्रोजेक्ट्स के जरिए लोगों को पक्के घर दिए, जबकि ठाकरे परिवार ने सिर्फ़ अपनी राजनीतिक विरासत मजबूत करने पर ध्यान दिया.
उद्धव ठाकरे का विवादित बयान
दरअसल, ठाकरे बंधुओं द्वारा संयुक्त चुनावी घोषणापत्र जारी किए जाने के दौरान उद्धव ठाकरे ने अमित साटम पर तंज कसते हुए कहा था, “चाटम कौन है?” इसी बयान को लेकर साटम ने तीखी प्रतिक्रिया दी है. उद्धव ठाकरे ने उसी मंच से बीजेपी और विधानसभा स्पीकर राहुल नार्वेकर पर भी लोकतंत्र कमजोर करने के आरोप लगाए थे.
लोकतंत्र और निर्विरोध चुनाव का मुद्दा
उद्धव ठाकरे ने आरोप लगाया कि बीजेपी ने दबाव डालकर उम्मीदवारों को नामांकन वापस लेने पर मजबूर किया, जिससे निर्विरोध जीत का रास्ता साफ हुआ. उन्होंने इसे लोकतंत्र का अपमान बताया. वहीं बीजेपी इस आरोप को सिरे से खारिज कर रही है.
चुनावी तस्वीर
गौरतलब है कि बीएमसी समेत महाराष्ट्र की 29 महानगरपालिकाओं के लिए 15 जनवरी 2026 को मतदान होगा और 16 जनवरी को नतीजे आएंगे. इस बार चुनावी मैदान में 15,900 से ज्यादा उम्मीदवार हैं और मुकाबला बेहद दिलचस्प माना जा रहा है.
