जाति-धर्म से ऊपर कानून! दोषियों को नहीं बख्शेगी सरकार—उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का सख्त संदेश
Swaraj Times Desk: पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में रह रही एक NEET छात्रा की संदिग्ध मौत के मामले में बड़ी कार्रवाई सामने आई है. बिहार के उपमुख्यमंत्री सह गृह विभाग मंत्री सम्राट चौधरी ने रविवार (25 जनवरी, 2026) को राज्य के शीर्ष पुलिस अधिकारियों से विस्तृत रिपोर्ट तलब की. इस दौरान बिहार के पुलिस महानिदेशक विनय कुमार और सीआईडी के एडीजी पारसनाथ ने केस से जुड़ी अब तक की प्रगति से उन्हें अवगत कराया.
सूत्रों के अनुसार, यह मामला फिलहाल एसआईटी जांच के दायरे में है और एफएसएल रिपोर्ट भी सौंप दी गई है. बताया जा रहा है कि एफएसएल रिपोर्ट में गंभीर अपराध की पुष्टि हुई है. इसी के बाद उपमुख्यमंत्री ने वरिष्ठ अधिकारियों को बुलाकर समीक्षा बैठक की और जांच को तेज करने के निर्देश दिए.
जांच में तेजी, पुलिस को ‘फुल फ्रीडम’
बैठक के बाद संकेत मिले हैं कि सरकार ने आरोपियों की गिरफ्तारी और मामले के जल्द खुलासे के लिए पुलिस को पूरी छूट दे दी है. सम्राट चौधरी ने स्पष्ट किया कि कानून के दायरे में रहते हुए कठोरतम कार्रवाई की जाएगी और किसी भी स्तर पर दबाव या हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं होगा.
मुंगेर में दो टूक: अपराधी समाज का ‘कचरा’
इसी दिन मुंगेर के तारापुर विधानसभा क्षेत्र में आयोजित कार्यक्रम में सम्राट चौधरी ने सख्त शब्दों में कहा कि अपराधियों का कोई जाति-धर्म नहीं होता. उन्होंने कहा, “जो भी ऐसे घिनौने अपराध करता है, वह समाज के लिए कचरा है. ऐसे तत्वों को साफ करना जरूरी है और पुलिस अपना काम जानती है.”
उन्होंने यह भी जोड़ा कि सरकार पुलिस के काम में हस्तक्षेप नहीं करती, ताकि जांच स्वतंत्र और निष्पक्ष रहे.
‘माला नहीं, कानून की सख्ती’
पटना में NEET छात्रा मौत केस पर बोलते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि दोषियों को माला पहनाने का नहीं, बल्कि कानून के मुताबिक सजा दिलाने का काम होगा. उन्होंने दोहराया कि किसी भी मासूम के साथ अपराध करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा.
जल्द हो सकता है खुलासा
सरकारी स्तर पर समीक्षा और एफएसएल रिपोर्ट के बाद यह माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में बड़ा खुलासा संभव है. पुलिस और जांच एजेंसियां सभी पहलुओं पर काम कर रही हैं ताकि पीड़िता को न्याय मिले और समाज में कड़ा संदेश जाए.
