Swaraj Times Desk: उन्नाव रेप केस एक बार फिर सुर्खियों में है। भाजपा से निष्कासित पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को लेकर शनिवार, 27 दिसंबर 2025 को बड़ा अपडेट सामने आया है। दिल्ली हाई कोर्ट द्वारा उसकी उम्रकैद की सजा निलंबित किए जाने के फैसले को अब केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। इस याचिका पर सोमवार को शीर्ष अदालत में सुनवाई होनी है।
सूत्रों के मुताबिक, यह मामला सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ के सामने सूचीबद्ध किया गया है। CBI ने हाई कोर्ट के आदेश पर सवाल उठाते हुए कहा है कि यह मामला अत्यंत संवेदनशील है और सजा निलंबन से न्याय प्रक्रिया पर गलत संदेश जा सकता है।
क्या है पूरा मामला
दिल्ली हाई कोर्ट ने मंगलवार, 23 दिसंबर 2025 को उन्नाव रेप केस में कुलदीप सिंह सेंगर की उम्रकैद की सजा को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया था। अदालत ने अपने आदेश में कहा था कि सेंगर अब तक करीब सात साल और पांच महीने जेल में बिता चुका है, जिसे सजा की अवधि के रूप में देखा जाना चाहिए। इसी आधार पर सजा निलंबन का आदेश दिया गया।
हालांकि, हाई कोर्ट के इस फैसले के बावजूद कुलदीप सेंगर फिलहाल जेल से बाहर नहीं आ पाया है। वजह यह है कि वह पीड़िता के पिता की हिरासत में हुई मौत के मामले में भी दोषी ठहराया गया है, जिसमें उसे 10 साल की सजा सुनाई गई है। उस मामले में अभी उसे जमानत नहीं मिली है।
CBI क्यों पहुंची सुप्रीम कोर्ट
CBI का कहना है कि उन्नाव रेप केस न सिर्फ एक आपराधिक मामला है, बल्कि यह न्याय व्यवस्था की विश्वसनीयता से भी जुड़ा हुआ है। एजेंसी ने सुप्रीम कोर्ट से मांग की है कि दिल्ली हाई कोर्ट के सजा निलंबन आदेश पर रोक लगाई जाए। CBI के अनुसार, इस तरह के मामलों में दोषी को राहत देना पीड़िता और समाज दोनों के लिए गलत संदेश देता है।
अब सोमवार को होने वाली सुनवाई में यह साफ होगा कि सुप्रीम कोर्ट इस मामले में हाई कोर्ट के फैसले पर क्या रुख अपनाता है।
फैसले के खिलाफ सड़कों पर विरोध
दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले के बाद देशभर में नाराजगी भी देखने को मिली। सामाजिक कार्यकर्ता योगिता भयाना और कांग्रेस नेता मुमताज पटेल ने संसद भवन के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि इस तरह के मामलों में दोषियों को किसी भी तरह की राहत नहीं मिलनी चाहिए।
हालांकि, प्रदर्शन के दौरान दिल्ली पुलिस ने योगिता भयाना, मुमताज पटेल समेत कई लोगों को हिरासत में ले लिया। इस घटना के बाद राजनीतिक और सामाजिक संगठनों की ओर से भी प्रतिक्रियाएं सामने आईं।
2019 के फैसले को दी थी चुनौती
गौरतलब है कि कुलदीप सिंह सेंगर को दिसंबर 2019 में निचली अदालत ने उन्नाव रेप केस में दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। उसी फैसले को सेंगर ने दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दी थी, जिस पर हाल ही में सजा निलंबन का आदेश आया।
अब सबकी निगाहें सुप्रीम कोर्ट पर टिकी हैं। सोमवार की सुनवाई यह तय करेगी कि कुलदीप सेंगर को मिली राहत बरकरार रहेगी या उस पर रोक लगाई जाएगी।
