Middle East Tension Impact: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर यूपी के ग्रेटर नोएडा और मुरादाबाद में दिख रहा है। गैस सिलेंडर की किल्लत से रेस्टोरेंट, स्ट्रीट फूड विक्रेता और आम लोग परेशान हैं।
Swaraj Times Desk: मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष का असर अब भारत के कई हिस्सों में भी दिखाई देने लगा है। उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा और मुरादाबाद में एलपीजी गैस सिलेंडर की कमी से लोग परेशान हैं। खासकर रेस्टोरेंट संचालकों, स्ट्रीट फूड विक्रेताओं और आम उपभोक्ताओं को गंभीर मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रेटर नोएडा के जगत फार्म मार्केट में कई रेस्टोरेंट और फूड स्टॉल संचालकों ने बताया कि उन्हें अब पर्याप्त गैस सिलेंडर नहीं मिल पा रहे हैं। जो सिलेंडर उपलब्ध हैं, वे भी पहले की तुलना में लगभग दोगुने दाम पर मिल रहे हैं। इससे उनके कारोबार पर सीधा असर पड़ रहा है।
जगत फार्म में ओम रेस्टोरेंट चलाने वाले विशाल भाटी ने बताया कि गैस सिलेंडर की कमी के कारण उनका रेस्टोरेंट बंद होने की कगार पर पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि जितने सिलेंडर की जरूरत होती है, उतने मिल नहीं पा रहे हैं और जो मिल रहे हैं वे बेहद महंगे हैं। उन्होंने कहा कि अगर जल्द ही स्थिति नहीं सुधरी तो उन्हें एक-दो दिन में रेस्टोरेंट बंद करना पड़ सकता है। उनके यहां 12 से 15 कर्मचारी काम करते हैं, जिनकी रोजी-रोटी भी इस व्यवसाय पर निर्भर है।
इसी तरह स्ट्रीट फूड बेचने वाले कई लोगों ने भी अपनी परेशानी साझा की। पाव भाजी, बिरयानी और डोसा बेचने वाले सौरभ ने बताया कि पहले जहां एक गैस सिलेंडर करीब 1500 रुपये में मिल जाता था, वहीं अब उसी के लिए करीब 3000 रुपये तक देने पड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस स्थिति में कारोबार चलाना बेहद मुश्किल हो गया है।
वहीं टिक्की बेचने वाले चन्द्रभान ने बताया कि गैस सिलेंडर को लेकर काफी मारामारी है। उन्होंने कहा कि अगर यही हालात बने रहे तो उन्हें अपना काम बंद करके गांव लौटना पड़ सकता है।
दूसरी ओर मुरादाबाद में भी गैस सिलेंडर की किल्लत बढ़ती जा रही है। गैस एजेंसियों के बाहर सुबह से ही लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। पहले जहां गैस बुकिंग के बाद सिलेंडर सीधे घर पहुंच जाता था, वहीं अब लोगों को खुद एजेंसी जाकर घंटों लाइन में खड़ा होना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय हालात और सप्लाई में कमी के कारण यह समस्या बढ़ी है। ईद का त्योहार करीब होने से घरेलू गैस की मांग भी बढ़ गई है, जिससे लोगों की परेशानी और ज्यादा बढ़ गई है। लोगों ने प्रशासन और गैस एजेंसियों से जल्द व्यवस्था सुधारने की मांग की है ताकि उन्हें इस संकट से राहत मिल सके।
