1971 के इतिहास को भुलाकर पाकिस्तान ने बदली चाल, बांग्लादेश के नाम पर भारत को दी गीदड़भभकी
Swaraj Times Desk: भारत-बांग्लादेश-पाकिस्तान समीकरणों के बीच एक बार फिर बयानबाज़ी ने सियासी तापमान बढ़ा दिया है. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif के करीबी और Pakistan Muslim League-Nawaz (PML-N) के नेता कामरान सईद उस्मानी ने भारत को खुली धमकी दी है. उन्होंने दावा किया कि अगर भारत ने बांग्लादेश की ओर “आंख उठाकर भी देखा”, तो पाकिस्तान की मिसाइलें जवाब देने के लिए तैयार हैं.
यह बयान ऐसे समय सामने आया है जब बांग्लादेश में Mohammad Yunus के नेतृत्व को लेकर राजनीतिक और कूटनीतिक चर्चाएं तेज हैं. भारत ने 1971 में बांग्लादेश को पाकिस्तान के अत्याचारों से आज़ादी दिलाने में निर्णायक भूमिका निभाई थी, लेकिन अब वही पाकिस्तान खुद को बांग्लादेश का “रक्षक” बताकर भारत को चेतावनी दे रहा है.
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
दरअसल, कामरान सईद उस्मानी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है. वीडियो में उनके पीछे पाकिस्तान और बांग्लादेश – दोनों के झंडे दिखाई देते हैं. इस वीडियो में वह भारत को निशाना बनाते हुए कहते हैं कि वह किसी राजनीतिक नेता के तौर पर नहीं, बल्कि बांग्लादेश की “मिट्टी, कुर्बानी और जज़्बे” को सलाम करने वाले इंसान के रूप में बोल रहे हैं.
उन्होंने दावा किया कि 2021 में जब उन्होंने यह अभियान शुरू किया था, तब वह अकेले थे, लेकिन आज “पाकिस्तान और बांग्लादेश एक साथ खड़े हैं”.
भारत पर गंभीर आरोप
कामरान सईद उस्मानी ने भारतीय नेताओं पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि “भारतीय राजनेता आवाम का खून चूसने के लिए लोगों को कभी भी गुलामी से आज़ाद नहीं करना चाहते.” उन्होंने आरोप लगाया कि भारत बांग्लादेश का पानी रोकने, या मुस्लिम समाज को आपस में लड़ाने की साजिशें करता है.
उनका दावा है कि अब “मुस्लिम नौजवान” इन साजिशों को समझ चुका है और पाकिस्तान-बांग्लादेश का “बच्चा-बच्चा” एकजुट हो चुका है.
मिसाइलों की खुली धमकी
अपने बयान के सबसे विवादित हिस्से में PML-N नेता ने कहा,
“अगर कोई देश बांग्लादेश की संप्रभुता पर हमला करने की कोशिश करेगा, तो पाकिस्तान की जनता, पाकिस्तान की फौज और हमारी मिसाइलें आपसे दूर नहीं हैं.”
इस बयान को भारत के खिलाफ सीधी सैन्य धमकी के रूप में देखा जा रहा है. विशेषज्ञों का मानना है कि यह बयान कूटनीतिक संतुलन बिगाड़ने वाला है और दक्षिण एशिया में तनाव को और भड़का सकता है.
