भागलपुर जेल से अचानक ट्रांसफर, इलाज बना बड़ी वजह – IGIMS में होगा ऑपरेशन
Swaraj Times Desk: बिहार की सियासत के सबसे चर्चित आपराधिक मामलों में शामिल मुन्ना शुक्ला को लेकर एक बार फिर बड़ा अपडेट सामने आया है. पूर्व मंत्री ब्रिज बिहारी प्रसाद हत्याकांड में उम्रकैद की सजा काट रहे मुन्ना शुक्ला को 2 जनवरी 2026 को भागलपुर सेंट्रल जेल से पटना स्थित बेऊर जेल में शिफ्ट कर दिया गया है. इस अचानक हुए स्थानांतरण के पीछे की वजह अब सामने आ गई है.
इलाज बना ट्रांसफर की मुख्य वजह
बेऊर जेल अधीक्षक के अनुसार, मुन्ना शुक्ला की आंख में गंभीर समस्या सामने आई थी. डॉक्टरों ने मोतियाबिंद (कैटरेक्ट) ऑपरेशन की सलाह दी थी, जिसके लिए बेहतर मेडिकल सुविधा जरूरी थी. इसी कारण उन्हें पटना लाया गया. शनिवार 3 जनवरी को उन्हें इंदिरा गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान (IGIMS) भेजा गया, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है.
जेल प्रशासन का कहना है कि ऑपरेशन और रिकवरी के बाद डॉक्टरों की सलाह के अनुसार आगे का फैसला लिया जाएगा और संभव है कि इलाज पूरा होने के बाद उन्हें दोबारा भागलपुर जेल भेज दिया जाए.
हत्याकांड जिसने बिहार की राजनीति हिला दी
ब्रिज बिहारी प्रसाद की 1998 में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. यह वारदात IGIMS परिसर में हुई थी, जिसने पूरे बिहार में सनसनी फैला दी थी. लंबे समय तक चले मुकदमे के बाद पटना हाईकोर्ट ने इस मामले में मुन्ना शुक्ला को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी. तब से वह जेल में सजा काट रहे हैं.
राजनीति और अपराध का पुराना रिश्ता
मुन्ना शुक्ला पूर्व विधायक रह चुके हैं और उन्होंने आरजेडी के टिकट पर 2024 का लोकसभा चुनाव भी लड़ा था, हालांकि उन्हें हार का सामना करना पड़ा. चुनाव के कुछ समय बाद ही हाईकोर्ट के फैसले के तहत उन्हें जेल भेजा गया. सुरक्षा कारणों से पहले उन्हें बेऊर जेल से भागलपुर जेल शिफ्ट किया गया था.
पुराने नेटवर्क का भी जिक्र
इस हत्याकांड में यूपी के कुख्यात शूटर प्रकाश शुक्ला समेत कई नाम सामने आए थे. मामला आज भी बिहार के सबसे हाई-प्रोफाइल आपराधिक मामलों में गिना जाता है.
फिलहाल मुन्ना शुक्ला IGIMS में इलाजरत हैं और उनकी सेहत पर डॉक्टरों की टीम लगातार नजर बनाए हुए है.
