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निशांत कुमार JDU राजनीतिनिशांत कुमार JDU राजनीति

Nishant Kumar News: जेडीयू में शामिल होने के बाद नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार पहली बार पार्टी कार्यालय पहुंचे। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं और सांसदों को एक परिवार की तरह साथ लेकर जनता की सेवा करेंगे।

Swaraj Times Desk: बिहार की राजनीति में इन दिनों एक नया चेहरा तेजी से चर्चा में है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार अब सक्रिय राजनीति में कदम रख चुके हैं। जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) में शामिल होने के बाद बुधवार (11 मार्च 2026) को वे पहली बार पार्टी के प्रदेश कार्यालय पहुंचे, जहां उनका जोरदार स्वागत किया गया।

जेडीयू कार्यालय में निशांत कुमार के पहुंचते ही कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह देखने को मिला। पार्टी कार्यकर्ताओं ने नारे लगाकर उनका स्वागत किया और उन्हें भविष्य का बड़ा नेता बताते हुए समर्थन भी जताया। कार्यालय में मौजूद कई वरिष्ठ नेताओं के साथ उन्होंने बैठक की और संगठन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की।

बैठक के बाद जब निशांत कुमार मीडिया से रूबरू हुए तो उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य पार्टी को एक परिवार की तरह आगे बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि जेडीयू के सभी कार्यकर्ता, सांसद और नेता पार्टी के महत्वपूर्ण सदस्य हैं और सभी को साथ लेकर ही जनता की सेवा की जा सकती है।

पत्रकारों ने जब उनसे बिहार दौरे की योजना को लेकर सवाल पूछा तो उन्होंने इस पर कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया और सिर्फ इतना कहा कि आगे की रणनीति पर जल्द ही निर्णय लिया जाएगा। हालांकि पार्टी के अंदरूनी सूत्रों के अनुसार, आने वाले समय में निशांत कुमार राज्यभर का दौरा कर सकते हैं और संगठन को मजबूत करने की दिशा में काम करेंगे।

निशांत कुमार के राजनीति में सक्रिय होने से जेडीयू कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा देखने को मिल रही है। पार्टी कार्यालय में उनके आने और जाने के दौरान कार्यकर्ताओं ने “निशांत कुमार जिंदाबाद” के नारे लगाए। कुछ कार्यकर्ताओं ने तो यहां तक कहा कि “बिहार का सीएम कैसा हो, निशांत कुमार जैसा हो।”

इस बीच जेडीयू के वरिष्ठ नेता निहोरा यादव ने भी निशांत कुमार के पार्टी में सक्रिय होने पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि निशांत के आने से संगठन को मजबूती मिलेगी और कार्यकर्ताओं की समस्याओं को बेहतर तरीके से समझा जा सकेगा।

निहोरा यादव के अनुसार, कई बार कार्यकर्ताओं की छोटी-छोटी समस्याएं मुख्यमंत्री तक सीधे नहीं पहुंच पाती थीं, लेकिन अब निशांत कुमार पार्टी कार्यालय में समय बिताकर इन मुद्दों को समझेंगे और संगठन को मजबूत बनाने में मदद करेंगे। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि निशांत कुमार की सक्रियता बिहार की राजनीति में नए समीकरण पैदा कर सकती है।

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