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सीएम नीतीश कुमार का बख्तियारपुर दौरासीएम नीतीश कुमार का बख्तियारपुर दौरा

Nitish Kumar News: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार राज्यसभा जाने से पहले बख्तियारपुर दौरे पर पहुंचे। यहां उन्होंने इंजीनियरिंग कॉलेज का निरीक्षण किया और विकास योजनाओं की समीक्षा की।

Swaraj Times Desk: बिहार की राजनीति में इन दिनों बड़े बदलाव की चर्चा के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार अब भी पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहे हैं। राज्यसभा जाने की तैयारी के बीच उन्होंने शनिवार (7 मार्च) को अपने गृह क्षेत्र बख्तियारपुर का दौरा किया, जहां उन्होंने विकास कार्यों का जायजा लिया और अधिकारियों के साथ योजनाओं की समीक्षा की।

इस दौरे के दौरान मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बख्तियारपुर इंजीनियरिंग कॉलेज पहुंचे, जहां उन्होंने संस्थान की व्यवस्थाओं और चल रही परियोजनाओं का निरीक्षण किया। इसके साथ ही उन्होंने कॉलेज से जुड़ी विकास योजनाओं की प्रगति के बारे में अधिकारियों से जानकारी ली और आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।

मुख्यमंत्री के साथ इस दौरे में जनता दल यूनाइटेड (जदयू) कोटे के मंत्री विजय चौधरी भी मौजूद रहे। अधिकारियों के साथ बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने विकास कार्यों को समय पर पूरा करने और गुणवत्ता बनाए रखने पर जोर दिया।

दरअसल, हाल ही में नीतीश कुमार ने राज्यसभा जाने का फैसला लिया है। उन्होंने 5 मार्च को राज्यसभा चुनाव के लिए अपना नामांकन पत्र दाखिल किया था। इस दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह भी पटना पहुंचे थे और उनके साथ कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे। यह पहली बार होगा जब नीतीश कुमार राज्यसभा के सदस्य बनेंगे, क्योंकि इससे पहले वे लोकसभा और बिहार विधानमंडल के दोनों सदनों के सदस्य रह चुके हैं।

राजनीतिक दृष्टि से भी यह समय काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बिहार की 243 सदस्यीय विधानसभा में एनडीए के पास 202 विधायकों का समर्थन है। हालांकि राज्यसभा की सभी पांच सीटें जीतने के लिए गठबंधन को अभी भी कुछ अतिरिक्त वोटों की जरूरत पड़ सकती है। राज्यसभा चुनाव के लिए मतदान 16 मार्च को होना है।

नीतीश कुमार का राजनीतिक सफर भी काफी लंबा और दिलचस्प रहा है। वह पहली बार वर्ष 2000 में बिहार के मुख्यमंत्री बने थे, हालांकि उस समय उनका कार्यकाल सिर्फ सात दिनों का रहा था। इसके बाद 2005 में उन्होंने दोबारा सत्ता संभाली और पांच साल का कार्यकाल पूरा किया। मई 2014 से फरवरी 2015 के बीच के छोटे अंतराल को छोड़ दें तो वह लंबे समय तक बिहार की राजनीति के केंद्र में बने रहे।

वर्ष 2025 का बिहार विधानसभा चुनाव भी नीतीश कुमार के नेतृत्व में लड़ा गया था। उस चुनाव में भाजपा सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी, लेकिन मुख्यमंत्री की कुर्सी एक बार फिर नीतीश कुमार को ही मिली।

अब उनके राज्यसभा जाने के फैसले के बाद बिहार की राजनीति में नए समीकरण बनने की चर्चा तेज हो गई है।

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