• Mon. Mar 9th, 2026

भारत–इजरायल फ्री ट्रेड एग्रीमेंट से खुलेगा अरबों डॉलर का व्यापार गेट… दुश्मनों की नींद उड़ाने वाली भागीदारी होगी और भी मजबूत!

Swaraj Times Desk: India–Israel FTA: भारत और इजरायल के आर्थिक रिश्तों में एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ने जा रहा है। दोनों देश जिस फ्री-ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) की बात वर्षों से कर रहे थे, उस पर अब अंतिम ‘ग्रीन सिग्नल’ की तैयारी हो चुकी है। रिपोर्ट के अनुसार जनवरी में इजरायल के उच्च स्तरीय अधिकारी भारत आने वाले हैं, जहां FTA को लागू करने से पहले औपचारिक बातचीत और अंतिम ड्राफ्ट पर कार्य होगा। यह यात्रा भारत–इजरायल संबंधों के लिए एक निर्णायक मोड़ मानी जा रही है।

व्यापार होगा 10 गुना बढ़ा

बीते महीने 20 नवंबर 2025 को दोनों देशों ने इस संबंध में Terms of Reference (ToR) पर हस्ताक्षर किए थे। इसमें लक्ष्य तय किया गया है कि अगले 10 वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को 10 गुना तक बढ़ाना है।
आज स्थिति यह है कि 2024–25 में भारत–इजरायल व्यापार 3.62 बिलियन डॉलर तक पहुंचा। इसमें भारत ने 2.14 बिलियन डॉलर का निर्यात, जबकि 1.48 बिलियन डॉलर का आयात किया।
FTA लागू हो जाने के बाद—

  • निवेश प्रवाह बढ़ेगा
  • आयात शुल्क में कटौती/समाप्ति संभव
  • तकनीक, डिफेंस, कृषि–टेक, साइबर सुरक्षा और स्टार्टअप सहयोग बढ़ेगा
  • भारत के छोटे व्यापारियों, किसानों और MSME को इजरायल के बाजार तक आसान पहुंच मिलेगी

दोनों देश एक-दूसरे को क्या भेजते हैं?

इजरायल भारत के लिए एशिया में चीन के बाद दूसरा सबसे बड़ा व्यापार भागीदार है। अभी कारोबार मुख्यतः कुछ उत्पादों तक सीमित है—
भारत से निर्यात:
मोती–कीमती पत्थर, केमिकल्स, खनिज, टेक्सटाइल, इलेक्ट्रॉनिक डिवाइसेज, प्लास्टिक, कृषि उत्पाद

इजरायल से आयात:
पेट्रोलियम, डिफेंस इक्विपमेंट, मशीनरी, मेडिकल डिवाइसेज, हाई-टेक इलेक्ट्रॉनिक्स

FTA का सबसे बड़ा असर होगा – डिफेंस टेक्नोलॉजी और साइबर सुरक्षा उपकरणों में लागत कम होने और बड़े पैमाने पर ट्रांसफर होने पर।

भारत–EAEU FTA भी तेज रफ्तार में

भारत समानांतर रूप से रूस-आधारित EAEU (Eurasian Economic Union) के साथ भी फ्री ट्रेड पर आगे बढ़ रहा है। इसमें रूस, आर्मेनिया, बेलारूस, कज़ाकिस्तान और किर्गिस्तान शामिल हैं।
20 अगस्त 2025 को इसके ToR पर साइन हुए और 18 महीने की रोडमैप योजना तैयार है। लक्ष्य – 70 बिलियन डॉलर वर्तमान व्यापार को 2030 तक 100 बिलियन डॉलर तक पहुंचाना।

पाकिस्तान क्यों टेंशन में?

भारत–इजरायल रणनीतिक साझेदारी पहले ही रक्षा, खुफिया और एंटी-टेरर नेटवर्क पर आधारित है। अब आर्थिक FTA के बाद—

क्षेत्रीय संतुलन भारत की ओर झुकेगा
यही कारण है कि यह डील पाकिस्तान के भू-राजनीतिक हितों पर सीधा दबाव बनाती दिखाई दे रही है।

बिजनेस + डिफेंस गठजोड़ और शक्तिशाली होगा

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *