Patna LPG Crisis: पटना में एलपीजी गैस की भारी कमी से प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्र परेशान हैं। कई जगह गैस 400 रुपये प्रति किलो तक बिक रही है, जिससे छात्रों का बजट बिगड़ गया है।
Swaraj Times Desk: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और वैश्विक ऊर्जा संकट का असर अब भारत के कई हिस्सों में दिखाई देने लगा है। बिहार की राजधानी पटना में एलपीजी गैस की भारी किल्लत की खबरें सामने आ रही हैं, जिससे खासतौर पर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
पटना के कई छात्रावास और लॉज वाले इलाकों में रहने वाले छात्रों का कहना है कि गैस सिलेंडर की कमी के कारण उनका दैनिक जीवन प्रभावित हो गया है। स्थिति यह है कि कुछ जगहों पर गैस 400 रुपये प्रति किलो तक बिक रही है, जबकि सामान्य परिस्थितियों में यही गैस करीब 90 रुपये प्रति किलो मिलती थी।
राजेंद्र नगर, बहादुरपुर, बाजार समिति, मुसल्लहपुर हाट और भिखना पहाड़ी जैसे इलाकों में हजारों छात्र किराए के कमरों में रहकर विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। ये छात्र आमतौर पर 3 या 5 किलो वाले छोटे गैस सिलेंडर पर खाना बनाते हैं। लेकिन मौजूदा संकट के कारण छोटे सिलेंडरों की रिफिलिंग करने वाली अधिकांश दुकानें बंद हो चुकी हैं।
मुसल्लहपुर इलाके में रहकर दरोगा की तैयारी कर रहे छात्र अंकित ने बताया कि उनकी गैस पिछले तीन दिनों से खत्म हो चुकी है। उन्होंने कहा कि 5 किलो गैस भरवाने के लिए लगभग 2000 रुपये मांगे जा रहे हैं, जो उनके बजट से काफी बाहर है। ऐसे में वे और उनके साथी फिलहाल चूड़ा-दही खाकर गुजारा कर रहे हैं।
इसी तरह बाजार समिति इलाके में रहने वाले छात्र मनोहर ने बताया कि उन्हें घर से हर महीने करीब 3500 रुपये मिलते हैं। इसमें से लगभग 1500 रुपये कमरे के किराए में ही चले जाते हैं। ऐसे में अगर गैस पर ही 2000 रुपये खर्च हो जाएं तो बाकी खर्च चलाना मुश्किल हो जाता है।
गैस की कमी का असर केवल छात्रों तक सीमित नहीं है। इन इलाकों में छात्रों पर निर्भर छोटे होटल और नाश्ते की दुकानों का कारोबार भी प्रभावित हो रहा है। कई दुकानदारों ने गैस की कमी के कारण अब लकड़ी के चूल्हे पर खाना बनाना शुरू कर दिया है।
कुछ मेस और छोटे होटल तो बंद भी हो चुके हैं, जबकि कई जगह खाने की कीमतें दोगुनी हो गई हैं। इससे छात्रों की परेशानी और बढ़ गई है। कई छात्र अब अपनी परीक्षाएं खत्म होने के बाद पटना छोड़कर वापस घर लौटने की तैयारी कर रहे हैं। उनका कहना है कि अगर जल्द ही हालात नहीं सुधरे तो यहां रहना मुश्किल हो जाएगा।
