Swaraj Times Desk:लखनऊ में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आगामी दौरे को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने तैयारियां तेज कर दी हैं. इसी क्रम में 21 दिसंबर को बीजेपी प्रदेश कार्यालय में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, दोनों उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक सहित पार्टी के वरिष्ठ नेता मौजूद रहे. इस बैठक का मुख्य फोकस 25 दिसंबर को अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती के अवसर पर होने वाले कार्यक्रम और प्रधानमंत्री के लखनऊ आगमन को सफल बनाने पर रहा.
बैठक में कार्यक्रम की रूपरेखा, सुरक्षा व्यवस्था, कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी और जनभागीदारी को लेकर विस्तार से चर्चा हुई. प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा ऐतिहासिक होगा और इसे भव्य बनाने के लिए संगठन स्तर पर पूरी ताकत झोंकी जाएगी. उन्होंने बताया कि सभी जिलों और मंडलों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए जाएंगे ताकि कार्यक्रम में अधिकतम संख्या में लोग शामिल हो सकें.
उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी की जयंती केवल एक कार्यक्रम नहीं बल्कि भाजपा की विचारधारा और सुशासन के संकल्प को दोहराने का अवसर है. उन्होंने भरोसा जताया कि प्रधानमंत्री की मौजूदगी से कार्यकर्ताओं में नया उत्साह आएगा और पार्टी का संदेश जनता तक मजबूती से पहुंचेगा.
बैठक में मतदाता सूची के शुद्धिकरण अभियान और SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) प्रक्रिया पर भी गंभीर मंथन हुआ. केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि डुप्लिकेट वोटरों और अवैध रूप से नाम जुड़वाने वालों की पहचान जरूरी है, ताकि लोकतंत्र को मजबूत किया जा सके. उन्होंने दावा किया कि भाजपा कार्यकर्ता बूथ स्तर पर इस अभियान को सफल बनाने के लिए सक्रिय हैं और आने वाले समय में विपक्ष की राजनीति सीमित हो जाएगी.
उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि स्वच्छ और पारदर्शी मतदाता सूची लोकतंत्र की बुनियाद होती है. निर्वाचन आयोग के निर्देशों के तहत चल रही प्रक्रिया का भाजपा समर्थन करती है. उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जिनकी राजनीति अव्यवस्था और भ्रम पर टिकी है, वही ऐसी प्रक्रियाओं का विरोध कर रहे हैं.
बीजेपी नेताओं ने साफ किया कि SIR कोई राजनीतिक एजेंडा नहीं बल्कि संवैधानिक व्यवस्था का हिस्सा है. पार्टी का कहना है कि इसका उद्देश्य योग्य नागरिकों को मताधिकार दिलाना और गलत तरीके से शामिल नामों को हटाना है. कुल मिलाकर बैठक में संगठनात्मक मजबूती, आगामी कार्यक्रम और चुनावी तैयारियों को लेकर भाजपा ने स्पष्ट संदेश दिया है.
