Swaraj Times Desk: अजमेर शरीफ दरगाह के दीवान के उत्तराधिकारी सैयद नसीरुद्दीन चिश्ती का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर दिया गया बयान इन दिनों चर्चा में है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर, खासकर बड़े-बड़े मुस्लिम देशों में जो सम्मान मिल रहा है, वह केवल एक व्यक्ति की उपलब्धि नहीं बल्कि पूरे भारत के लिए गर्व का विषय है। उनके अनुसार यह सम्मान देश की वैश्विक साख और बढ़ती ताकत को दर्शाता है।
सैयद नसीरुद्दीन चिश्ती ने कहा कि आज दुनिया के नजरिए में भारत की पहचान तेजी से बदली है। अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत को एक मजबूत, भरोसेमंद और प्रभावशाली राष्ट्र के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को जिन मुस्लिम देशों में सर्वोच्च नागरिक सम्मानों से नवाजा गया है, वह इस बात का प्रमाण है कि भारत की कूटनीति और नेतृत्व को वैश्विक स्तर पर स्वीकार किया जा रहा है।
उन्होंने जोर देते हुए कहा कि जब प्रधानमंत्री का सम्मान होता है, तो असल में वह पूरे देश और 140 करोड़ भारतीयों का सम्मान होता है। इससे यह संदेश जाता है कि भारत अपनी संस्कृति, सहिष्णुता और आपसी भाईचारे के मूल्यों के साथ आगे बढ़ रहा है। चिश्ती के मुताबिक, भारत की गंगा-जमुनी तहजीब और सभी धर्मों के प्रति सम्मान की भावना ही इसकी सबसे बड़ी ताकत है।
सैयद नसीरुद्दीन चिश्ती ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि देश विकास के रास्ते पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने माना कि आज भारत न केवल आर्थिक रूप से मजबूत हो रहा है, बल्कि सामाजिक और वैश्विक स्तर पर भी अपनी अलग पहचान बना रहा है। ऐसे दौर में सभी नागरिकों की जिम्मेदारी बनती है कि वे देश की प्रगति में सकारात्मक भूमिका निभाएं।
उन्होंने खासतौर पर युवाओं से अपील की कि वे देशहित को सर्वोपरि रखें और विकास की इस यात्रा में सक्रिय भागीदार बनें। उनके अनुसार, एक मजबूत और समृद्ध भारत का निर्माण तभी संभव है जब समाज का हर वर्ग एकजुट होकर आगे बढ़े।
चिश्ती ने देश की साझा संस्कृति और सामाजिक सौहार्द पर भी विशेष रूप से बात की। उन्होंने कहा कि भारत विविधताओं से भरा देश है, जहां अलग-अलग धर्म, भाषा और परंपराएं होते हुए भी लोग एक-दूसरे के साथ मिलकर रहते हैं। यही भारत की असली पहचान है। उन्होंने कहा कि धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन समाज को जोड़ने का माध्यम होते हैं, जो आपसी समझ और भाईचारे को मजबूत करते हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत धार्मिक मूल्यों पर आधारित देश है, जहां हर धर्म को सम्मान दिया जाता है। ऐसे आयोजन और परंपराएं समाज में प्रेम, सद्भाव और सहयोग की भावना को बढ़ाती हैं। चिश्ती के मुताबिक, यही कारण है कि भारत की छवि आज विश्व पटल पर सकारात्मक और प्रेरणादायक बनी हुई है।
कुल मिलाकर, सैयद नसीरुद्दीन चिश्ती का यह बयान न केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करता है, बल्कि भारत की उस साझा संस्कृति और एकता को भी रेखांकित करता है, जिसने देश को वैश्विक मंच पर सम्मान दिलाया है।
