• Mon. Mar 9th, 2026

Swaraj Times Desk: अरावली विवाद पर राजस्थान सीएम भजनलाल शर्मा का सख्त रुख, खनन पर बड़ा संदेश


अरावली पर्वत श्रृंखला को लेकर जारी सियासी और सामाजिक घमासान के बीच राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा है कि अरावली के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं की जाएगी और राज्य में खनन के लिए कोई नया पट्टा जारी नहीं किया जाएगा। सीएम के इस बयान को बढ़ते विरोध और जन आंदोलन के बीच एक अहम राजनीतिक संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।


झालावाड़ से आया सख्त संदेश

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा सोमवार (22 दिसंबर) को झालावाड़ जिले में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। मंच से उन्होंने न केवल अरावली संरक्षण को लेकर सरकार का रुख स्पष्ट किया, बल्कि पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और कांग्रेस पार्टी पर भी तीखा हमला बोला।

सीएम ने कहा कि “सिर्फ सोशल मीडिया पर ‘सेव अरावली’ की डीपी लगाने से पहाड़ियां नहीं बचेंगी। इसके लिए मजबूत इच्छाशक्ति और ठोस फैसलों की जरूरत होती है।”

उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता लोगों को भ्रमित कर रहे हैं और पर्यावरण के मुद्दे को राजनीतिक हथियार की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है।


प्रदेशभर में प्रदर्शन, कई जिलों में तनाव

गौरतलब है कि अरावली मुद्दे को लेकर राजस्थान के एक दर्जन से ज्यादा जिलों में प्रदर्शन हुए हैं। कुछ इलाकों में विरोध इतना तेज रहा कि स्थिति तनावपूर्ण हो गई। पर्यावरण संगठनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार द्वारा अरावली की नई परिभाषा तय किए जाने का विरोध किया है।

ऐसे में सीएम भजनलाल शर्मा के इस ऐलान के बाद यह उम्मीद जताई जा रही है कि विरोध प्रदर्शन की धार कुछ हद तक कमजोर पड़ सकती है


कांग्रेस का तंज: “पर्ची के बिना पहली बार बयान”

हालांकि कांग्रेस ने मुख्यमंत्री के बयान का स्वागत करते हुए भी उस पर सवाल खड़े किए हैं। राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने तंज कसते हुए कहा कि

“यह पहली बार हुआ है जब मुख्यमंत्री ने दिल्ली से पर्ची आए बिना अपनी मर्जी से कोई बात कही है।”

जूली ने कहा कि कांग्रेस चाहती है कि सीएम अपने इस बयान पर कायम रहें और केंद्र सरकार पर दबाव डालकर अरावली से जुड़े नियमों में किए गए बदलावों को वापस कराएं


जन आंदोलन का दबाव या डैमेज कंट्रोल?

कांग्रेस का आरोप है कि पूरे प्रदेश में चल रहे जन आंदोलनों के दबाव के कारण ही मुख्यमंत्री को यह बयान देना पड़ा है। टीकाराम जूली ने चेतावनी दी कि
अगर सरकार अपने वादे से पीछे हटी, तो कांग्रेस सड़क से सदन तक पुरजोर विरोध करेगी।


क्या अब थमेगा अरावली विवाद?

फिलहाल मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के इस रुख को डैमेज कंट्रोल की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है। उनका बयान इतना स्पष्ट है कि कांग्रेस भी खुलकर विरोध करने की बजाय सतर्क समर्थन की मुद्रा में नजर आ रही है। अब देखना होगा कि यह बयान नीतिगत फैसलों में कितना बदलता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *