Gaurav Gogoi on Assam CM: पाकिस्तान कनेक्शन के आरोपों पर घमासान, प्रेस कॉन्फ्रेंस बनी राजनीतिक अखाड़ा
Swaraj Times Desk: असम की राजनीति में इस समय जबरदस्त टकराव देखने को मिल रहा है। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा और कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई के बीच आरोप–प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। मामला कथित तौर पर पाकिस्तान से जुड़े संबंधों की जांच से जुड़ा है, जिस पर असम सरकार द्वारा गठित स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) की रिपोर्ट सामने आने के बाद सियासी हलचल और बढ़ गई है।
मुख्यमंत्री सरमा ने एक लंबी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा कि इस पूरे मामले की जांच अब केंद्रीय एजेंसी से कराई जानी चाहिए। उन्होंने संकेत दिए कि रिपोर्ट में गंभीर बिंदु सामने आए हैं, जिनकी गहराई से जांच जरूरी है। हालांकि उन्होंने सीधे तौर पर विस्तार से खुलासा नहीं किया, लेकिन उनके बयान ने राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया।
दूसरी ओर, गौरव गोगोई ने इस प्रेस कॉन्फ्रेंस को पूरी तरह “फ्लॉप शो” करार दिया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि पत्रकारों को “बेहद कमजोर और आधारहीन” दलीलें सुननी पड़ीं। गोगोई ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने तथ्यों के बजाय राजनीतिक नाटक पेश किया। उनका कहना था कि दो घंटे से अधिक चली प्रेस वार्ता के बाद भी कोई ठोस सबूत सामने नहीं रखा गया।
गोगोई ने पलटवार करते हुए यह भी कहा कि असली मुद्दों से ध्यान भटकाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि उनकी ‘जन संपर्क यात्रा’ के दौरान मुख्यमंत्री और उनके परिवार से जुड़े कथित भूमि मामलों को उजागर किया गया, जिससे सरकार असहज है। उनके मुताबिक, SIT रिपोर्ट का इस्तेमाल राजनीतिक हथियार की तरह किया जा रहा है।
पत्रकारों से बातचीत में कांग्रेस सांसद ने कहा कि मुख्यमंत्री ने अपने पद की गरिमा को ठेस पहुंचाई है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरमा राज्य की जनता की समझ को कम आंकते हैं। गोगोई के शब्दों में, “असम की जनता सच्चाई समझती है, केवल आरोप लगाने से सच्चाई नहीं बदलती।”
इस बीच, असम की राजनीति में बयानबाजी का स्तर और तीखा हो गया है। एक तरफ सरकार जांच की बात कर रही है, तो दूसरी ओर विपक्ष इसे राजनीतिक बदले की कार्रवाई बता रहा है। आने वाले दिनों में अगर यह मामला केंद्रीय जांच एजेंसियों तक पहुंचता है, तो यह टकराव और भी गहरा सकता है।
