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Barabanki News: गूगल से ढूंढते थे पावर हाउस, लखनऊ में बनाते थे गोदाम -दिल्ली में बेचते थे चोरी का माल

Swaraj Times Desk: उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में पुलिस ने एक ऐसे शातिर गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो दिन में मोटरसाइकिल पर कुर्सियां बेचने का ढोंग करता था और रात में बिजली के तारों पर हाथ साफ कर देता था। पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लाखों रुपये कीमत के बिजली तार और चोरी के उपकरण बरामद किए हैं।

ऐसे करते थे रेकी और वारदात

प्रेस कॉन्फ्रेंस में जानकारी देते हुए पुलिस अधीक्षक Arpit Vijayvargiya ने बताया कि गिरोह का मास्टरमाइंड इरफान अली है। आरोपी दिन के समय कुर्सी बेचने के बहाने पावर हाउस और अन्य बिजली प्रतिष्ठानों के आसपास घूमते थे। इस दौरान वे इलाके की रेकी करते और रात में सुनसान जगहों पर तार चोरी की वारदात को अंजाम देते।

हैरानी की बात यह है कि गिरोह गूगल सर्च की मदद से पावर हाउस की लोकेशन तलाशता था। इसके बाद मौके का निरीक्षण कर रात में तार काटकर फरार हो जाते। चोरी के तारों को वे लखनऊ में किराए के मकान में बने गोदाम में जमा करते थे।

लखनऊ में गोदाम, दिल्ली में कबाड़ बाजार

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने लखनऊ में एक मकान किराए पर ले रखा था, जहां चोरी का माल इकट्ठा किया जाता था। तारों से प्लास्टिक अलग कर तांबा और एल्यूमिनियम निकालकर दिल्ली के कबाड़ बाजार में बेच दिया जाता था। हाल ही में एक पावर हाउस से तार चोरी की घटना के बाद पुलिस ने जांच तेज की, जिसके बाद इस पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ।

कौन-कौन हैं आरोपी?

गिरफ्तार किए गए आरोपियों में इरफान अली, वसीम, परवेज, आरिफ और आसिफ शामिल हैं। ये सभी रामपुर, बरेली और पीलीभीत जिलों के निवासी हैं। पुलिस अन्य फरार आरोपियों—नूर हसन, जावेद, वाहिद और सुनील कुमार—की तलाश में जुटी है।

बरामद सामान

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 5 कुंतल 16 बंडल एल्यूमिनियम तार, लगभग 1.09 कुंतल तांबे के तार, 9 बंडल केबल छिलका, 3.17 कुंतल तांबे का छिलका, 3 तार कटर, प्लास, वेल्डिंग मशीन, एक बिना नंबर प्लेट की कार और एक पिकअप वाहन बरामद किया है।

पुलिस ने सभी आरोपियों को जेल भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस कार्रवाई से बिजली विभाग और स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है।

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