आदिवासी संस्कृति के महापर्व ‘बस्तर पंडुम’ में शामिल होंगी देश की प्रथम नागरिक, प्रशासन अलर्ट मोड में
Swaraj Times Desk: छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग के लिए 7 फरवरी का दिन बेहद खास होने जा रहा है। भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू इस दिन जगदलपुर पहुंचकर ‘बस्तर पंडुम’ के संभाग स्तरीय उद्घाटन समारोह में भाग लेंगी। राष्ट्रपति का यह दौरा न सिर्फ प्रशासनिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि बस्तर की समृद्ध आदिवासी संस्कृति को राष्ट्रीय पहचान दिलाने की दिशा में भी एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
राष्ट्रपति के प्रस्तावित दौरे को लेकर राज्य प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हो गया है। मुख्य सचिव विकास शील ने सचिवालय में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक कर कार्यक्रम की तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में सुरक्षा व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाएं, परिवहन और प्रोटोकॉल से जुड़े सभी पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की गई और आवश्यक निर्देश जारी किए गए।
मुख्य सचिव ने बस्तर कलेक्टर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सीधी जानकारी ली और आयोजन स्थल की व्यवस्थाओं को लेकर संतुष्टि जताई, साथ ही कुछ अतिरिक्त सावधानियां बरतने के निर्देश भी दिए। राष्ट्रपति के आगमन और प्रस्थान के रूट, हेलिपैड व्यवस्था, आपातकालीन मेडिकल टीम और वीवीआईपी मूवमेंट को लेकर विशेष प्लान तैयार किया जा रहा है।
इसके अलावा रायपुर जिला प्रशासन को भी सतर्क रहने को कहा गया है, क्योंकि राष्ट्रपति के राज्य आगमन और वापसी के दौरान राजधानी में भी प्रोटोकॉल व्यवस्था लागू रहेगी।
‘बस्तर पंडुम’ बस्तर अंचल का एक प्रमुख सांस्कृतिक उत्सव है, जिसमें पारंपरिक नृत्य, लोक संगीत, हस्तशिल्प और आदिवासी परंपराओं की झलक देखने को मिलती है। राष्ट्रपति की मौजूदगी इस आयोजन को राष्ट्रीय स्तर पर नई पहचान दिला सकती है। स्थानीय लोगों में इस ऐतिहासिक पल को लेकर खासा उत्साह देखा जा रहा है।
