Hindalco Industries shares: गिरते प्रॉफिट के बावजूद ब्रोकरेज बुलिश, 1120 रुपये का टारगेट
Swaraj Times Desk: मेटल सेक्टर की दिग्गज कंपनी Hindalco Industries के दिसंबर तिमाही नतीजों ने निवेशकों को चौंका दिया। आदित्य बिड़ला समूह की इस फ्लैगशिप कंपनी का मुनाफा सालाना आधार पर 45% तक घट गया, जिसके बाद शेयरों में तेज बिकवाली देखने को मिली। शुक्रवार सुबह BSE पर स्टॉक करीब 6% गिरकर 906.75 रुपये तक लुढ़क गया, जबकि पिछला बंद भाव 964.30 रुपये था। गिरावट के चलते कंपनी का मार्केट कैप भी करीब 2.03 लाख करोड़ रुपये तक सिमट गया।
Q3 FY26 में क्या रहे आंकड़े?
अक्टूबर-दिसंबर तिमाही (FY26) में कंपनी का कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट 2049 करोड़ रुपये रहा, जो पिछले साल इसी तिमाही के 3735 करोड़ रुपये से काफी कम है। प्रबंधन के मुताबिक, न्यूयॉर्क स्थित ओस्वेगो प्लांट में आग और ऑपरेशनल रुकावटों के कारण करीब 2610 करोड़ रुपये का अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ा, जिसका असर मुनाफे पर दिखा।
हालांकि, अच्छी बात यह रही कि कंपनी का कंसॉलिडेटेड ऑपरेशनल रेवेन्यू 14% बढ़कर 66,521 करोड़ रुपये पहुंच गया। एल्युमिनियम अपस्ट्रीम सेगमेंट ने 4832 करोड़ रुपये का EBITDA दर्ज किया, जो सालाना आधार पर 14% की वृद्धि को दर्शाता है। मजबूत घरेलू मांग ने इस ग्रोथ को सपोर्ट किया।
ब्रोकरेज क्यों है कॉन्फिडेंट?
ब्रोकरेज हाउस JM Financial ने गिरावट के बावजूद स्टॉक पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखी है। ब्रोकरेज का मानना है कि भारत में कंपनी का ऑपरेशन मजबूत बना हुआ है और ओस्वेगो प्लांट की समस्या अस्थायी है। कॉपर बिजनेस पर भी सीमित अवधि का दबाव माना जा रहा है।
JM Financial ने 12 महीने के लिए 1120 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है, जो मौजूदा स्तर से करीब 23% की संभावित तेजी दर्शाता है। विश्लेषकों का कहना है कि यदि प्लांट की समस्या जल्द सुलझती है और कमोडिटी कीमतें स्थिर रहती हैं, तो कंपनी की कमाई में सुधार संभव है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
शॉर्ट टर्म में अस्थिरता बनी रह सकती है, लेकिन लॉन्ग टर्म निवेशकों के लिए यह गिरावट अवसर साबित हो सकती है। मजबूत बैलेंस शीट, घरेलू डिमांड और एल्युमिनियम सेक्टर की ग्रोथ संभावनाएं Hindalco को आगे बढ़त दिला सकती हैं।
