Ramayan Kumbhkaran Role: रामानंद सागर की प्रसिद्ध टीवी सीरियल रामायण में कुंभकर्ण का किरदार निभाने वाले अभिनेता नलिन दवे की कहानी जानिए। उनके करियर और जीवन से जुड़ी खास बातें।
Swaraj Times Desk: रामानंद सागर की ऐतिहासिक टीवी सीरियल रामायण भारतीय टेलीविजन के सबसे लोकप्रिय धारावाहिकों में से एक मानी जाती है। इस सीरियल में राम, सीता, लक्ष्मण और रावण जैसे किरदारों के साथ-साथ कई अन्य पात्रों ने भी दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई। इन्हीं में से एक था रावण का भाई कुंभकर्ण, जिसका किरदार निभाने वाले अभिनेता ने अपने दमदार अभिनय से खूब लोकप्रियता हासिल की थी।

रामानंद सागर की रामायण में कुंभकर्ण की भूमिका नलिन दवे ने निभाई थी। उनकी लंबी-चौड़ी कद-काठी और प्रभावशाली व्यक्तित्व इस किरदार के लिए बिल्कुल उपयुक्त माने गए थे। जब भी रामायण में कुंभकर्ण का दृश्य आता था, दर्शकों का ध्यान तुरंत उस पर टिक जाता था।
गुजराती फिल्म इंडस्ट्री से की थी शुरुआत
नलिन दवे मूल रूप से गुजरात से थे और उन्होंने अपने अभिनय करियर की शुरुआत गुजराती फिल्म इंडस्ट्री से की थी। उनकी पहली फिल्म “भद्र तारा वहता पानी” मानी जाती है। उस समय उनकी उम्र लगभग 26 साल थी।
हालांकि उन्होंने कई गुजराती फिल्मों में काम किया, लेकिन असली पहचान उन्हें रामानंद सागर की रामायण में कुंभकर्ण का किरदार निभाने के बाद मिली। इस भूमिका ने उन्हें घर-घर में पहचान दिला दी।
हिंदी फिल्मों में भी किया काम
नलिन दवे ने केवल गुजराती फिल्मों में ही नहीं बल्कि कुछ हिंदी फिल्मों में भी अभिनय किया था। उन्हें नाग देवता, सती नाग कन्या, हमारी जंग और पाप की सजा जैसी फिल्मों में देखा गया था। हालांकि इन फिल्मों के बावजूद उनकी सबसे यादगार भूमिका रामायण का कुंभकर्ण ही मानी जाती है।
अरविंद त्रिवेदी की वजह से मिला था रोल
एक दिलचस्प बात यह भी है कि रामायण में रावण का किरदार निभाने वाले अरविंद त्रिवेदी और नलिन दवे बहुत अच्छे दोस्त थे। बताया जाता है कि अरविंद त्रिवेदी की सिफारिश पर ही रामानंद सागर ने नलिन दवे को कुंभकर्ण की भूमिका के लिए चुना था।
दो साल बाद ही हो गया निधन
रामायण की सफलता के कुछ ही साल बाद नलिन दवे का निधन हो गया। उन्होंने वर्ष 1990 में इस दुनिया को अलविदा कह दिया। हालांकि आज भी जब रामायण की चर्चा होती है, तो कुंभकर्ण के किरदार में उनका अभिनय लोगों को याद आ जाता है।
