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आस्था की मर्यादा बनाए रखने के लिए उत्तराखंड सरकार का बड़ा फैसला, चारों धामों में सख्ती तय

Swaraj Times Desk: Char Dham Yatra 2026 Update: चारधाम यात्रा के दौरान मंदिरों की पवित्रता और धार्मिक मर्यादा को बनाए रखने के लिए उत्तराखंड सरकार ने बड़ा और अहम फैसला लिया है. इस वर्ष केदारनाथ मंदिर, बदरीनाथ मंदिर, गंगोत्री मंदिर और यमुनोत्री मंदिर के अंदर मोबाइल फोन ले जाने पर पूरी तरह रोक रहेगी. यानी अब श्रद्धालु मंदिर परिसर में रील, वीडियो या ब्लॉग नहीं बना सकेंगे.

क्यों लिया गया मोबाइल बैन का फैसला?

पिछले कुछ वर्षों में सोशल मीडिया रील और ब्लॉग बनाने के दौरान कई बार विवाद, अव्यवस्था और धामों की गरिमा को ठेस पहुंचने की घटनाएं सामने आई थीं. इन्हीं अनुभवों को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने यह सख्त कदम उठाया है, ताकि श्रद्धालु पूरी एकाग्रता और श्रद्धा के साथ दर्शन कर सकें.

समीक्षा बैठक में हुआ बड़ा निर्णय

चारधाम यात्रा की तैयारियों को लेकर शनिवार को चारधाम ट्रांजिट कैंप में गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक हुई. बैठक में गढ़वाल आईजी, जिलाधिकारी और विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे. इसी बैठक में मंदिर परिसरों में मोबाइल प्रतिबंध का फैसला लिया गया.

कहां-कहां रहेगा प्रतिबंध?

प्रशासन के अनुसार बदरीनाथ में सिंहद्वार से आगे मोबाइल पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा. वहीं केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के पूरे मंदिर परिसर में श्रद्धालु मोबाइल फोन नहीं ले जा सकेंगे. श्री बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति और जिला प्रशासन धामों से पहले मोबाइल सुरक्षित रखने की व्यवस्था करेंगे.

यात्रा व्यवस्थाओं पर भी फोकस

बैठक में यह भी तय किया गया कि फरवरी तक सभी जिलों को यात्रा प्रबंधन के लिए धनराशि जारी कर दी जाएगी. सड़कों की मरम्मत, संचार व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं और एयर एंबुलेंस की सुविधा को मजबूत किया जाएगा. डॉक्टरों की 15-15 दिन की रोटेशन ड्यूटी भी अनिवार्य होगी.

पंजीकरण व्यवस्था और भीड़ नियंत्रण

चारधाम यात्रा में पंजीकरण व्यवस्था पहले की तरह 60% ऑफलाइन और 40% ऑनलाइन रहेगी. भीड़ नियंत्रण के लिए शटल बसें चलाई जाएंगी और जाम वाले इलाकों में सड़क चौड़ीकरण किया जाएगा.

आस्था और अनुशासन का संतुलन

प्रशासन का मानना है कि यह फैसला आस्था, अनुशासन और सुरक्षा—तीनों के बीच संतुलन बनाएगा. सरकार को उम्मीद है कि इससे चारधाम यात्रा और अधिक शांत, सुरक्षित और मर्यादित बनेगी.

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