संसद सत्र की शुरुआत में प्रधानमंत्री का साफ संकेत — सुधार, प्रदर्शन और परिवर्तन ही नया मंत्र
Swaraj Times Desk: संसद के बजट सत्र 2026 की शुरुआत के साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश को एक स्पष्ट संदेश दिया — “Reform, Perform, Transform”। संसद परिसर में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने आने वाले बजट सत्र को देश की प्रगति के लिए बेहद अहम बताया और सभी दलों से सकारात्मक भागीदारी की अपील की।
प्रधानमंत्री ने कहा कि राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का अभिभाषण 140 करोड़ भारतीयों की आकांक्षाओं, आत्मविश्वास और सामूहिक संकल्प का प्रतिबिंब था। उन्होंने विशेष रूप से युवाओं का जिक्र करते हुए कहा कि आज का भारत अवसरों से भरा हुआ है और सरकार का लक्ष्य है कि नीति, निवेश और नवाचार के जरिए युवाओं की ऊर्जा को सही दिशा दी जाए।
सुधार से प्रदर्शन, प्रदर्शन से परिवर्तन
पीएम मोदी ने अपने तीन शब्दों वाले मंत्र की व्याख्या करते हुए कहा कि पिछले वर्षों में सरकार ने कई संरचनात्मक सुधार (Reforms) किए हैं — चाहे वह डिजिटल गवर्नेंस हो, इंफ्रास्ट्रक्चर हो या सामाजिक कल्याण योजनाएं। इन सुधारों का असर अब परफॉर्मेंस (Performance) में दिख रहा है, जिससे देश की अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है। अगला चरण ट्रांसफॉर्मेशन (Transformation) का है, जिसमें भारत को वैश्विक स्तर पर अग्रणी राष्ट्र बनाने की दिशा में काम होगा।
उन्होंने यह भी कहा कि बजट सत्र केवल आंकड़ों का लेखा-जोखा नहीं, बल्कि भारत के भविष्य की दिशा तय करने का मंच है। सरकार चाहती है कि यह सत्र रचनात्मक बहस, नीति आधारित चर्चा और जनहित के फैसलों का साक्षी बने।
राष्ट्रपति के संदेश को बताया मार्गदर्शक
प्रधानमंत्री ने राष्ट्रपति के अभिभाषण को संसद सदस्यों के लिए मार्गदर्शक बताते हुए कहा कि उसमें विकास, समावेशन, आत्मनिर्भरता और सामाजिक न्याय की स्पष्ट झलक है। उन्होंने उम्मीद जताई कि सभी सांसद देशहित को प्राथमिकता देंगे और लोकतंत्र की गरिमा को बनाए रखेंगे।
बजट और आर्थिक सर्वेक्षण पर नजर
इस सत्र में पेश होने वाला केंद्रीय बजट और आर्थिक सर्वेक्षण देश की आर्थिक दिशा तय करेंगे। पीएम मोदी ने संकेत दिया कि आने वाले फैसले विकास को गति देने, निवेश बढ़ाने और आम नागरिक के जीवन को बेहतर बनाने पर केंद्रित होंगे।
