Russian Indian Student: उफा यूनिवर्सिटी में घुसा हमलावर, भारतीय दूतावास अलर्ट मोड पर
Swaraj Times Desk: रूस के बश्कोर्तोस्तान गणराज्य की राजधानी उफा में पढ़ रहे भारतीय छात्रों के लिए शनिवार की रात दहशत में बदल गई। Bashkir State Medical University के छात्रावास में घुसकर एक हमलावर ने चाकू से हमला कर दिया, जिसमें चार भारतीय छात्र घायल हो गए। घटना की पुष्टि Embassy of India, Moscow ने की है और कहा है कि सभी छात्रों का इलाज चल रहा है।
दूतावास ने बताया कि वह रूसी अधिकारियों के लगातार संपर्क में है। कज़ान स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास के अधिकारी उफा रवाना हो चुके हैं, ताकि अस्पताल में भर्ती छात्रों को हर संभव सहायता दी जा सके। भारतीय छात्रों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।
कैसे हुआ हमला?
स्थानीय रिपोर्ट्स के अनुसार, एक किशोर हमलावर अचानक यूनिवर्सिटी परिसर में दाखिल हुआ और सीधे हॉस्टल की ओर बढ़ गया। वहां मौजूद छात्रों पर उसने बिना किसी चेतावनी के चाकू से हमला कर दिया। घटना इतनी तेज़ी से घटी कि छात्र संभल ही नहीं पाए। कई छात्रों को चोटें आईं, जिनमें चार भारतीय भी शामिल हैं।
जब पुलिस मौके पर पहुंची तो आरोपी ने कथित तौर पर विरोध किया और पुलिसकर्मियों पर भी हमला करने की कोशिश की। आखिरकार उसे काबू में कर लिया गया, लेकिन इस दौरान वह खुद भी घायल हो गया।
घायलों की हालत
रूस के स्वास्थ्य अधिकारियों के मुताबिक, घायल छात्रों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। चार भारतीय छात्रों में से एक की हालत गंभीर बताई जा रही है, जबकि बाकी की स्थिति स्थिर है। हमलावर को भी मेडिकल निगरानी में रखा गया है।
जांच में क्या सामने आया?
प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि आरोपी कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित हो सकता है। हालांकि, आधिकारिक एजेंसियां अभी हर एंगल से जांच कर रही हैं और किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले विस्तृत रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। यूनिवर्सिटी परिसर और आसपास सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।
भारत की प्रतिक्रिया
भारतीय दूतावास ने भरोसा दिलाया है कि घायल छात्रों के परिवारों से संपर्क किया जा रहा है और हर जरूरी कांसुलर मदद दी जाएगी। रूस में पढ़ रहे भारतीय छात्रों के बीच भी एहतियात बरतने की सलाह जारी की गई है।
यह घटना विदेश में पढ़ाई कर रहे छात्रों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती है, लेकिन राहत की बात यह है कि सभी घायल छात्रों को तुरंत इलाज मिल रहा है और भारतीय अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
