यूक्रेन की राजधानी पर 10 घंटे ड्रोन-मिसाइल बारिश, कनाडा की 2.5 अरब डॉलर मदद – युद्ध का अगला अध्याय शुरू?
Swaraj Times Desk: रूस-यूक्रेन युद्ध को लगभग चार साल पूरे होने वाले हैं, लेकिन शांति की कोई ठोस राह अब तक सामने नहीं आई है। ऐसे माहौल में रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का नया बयान एक और बड़े भू-राजनीतिक तूफ़ान की आहट देता दिखाई दे रहा है। शनिवार, 27 नवंबर को दिए गए अपने संदेश में पुतिन ने यूक्रेन को परोक्ष चेतावनी देते हुए कहा कि कीव “संघर्ष को शांतिपूर्ण तरीके से समाप्त करने की जल्दबाजी नहीं दिखा रहा”। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि यूक्रेन बात-चीत और समझौते के रास्ते पर नहीं आता, तो रूस “विशेष सैन्य अभियान” के माध्यम से अपने सभी रणनीतिक लक्ष्य हासिल करेगा।
यह बयान ऐसे समय आया है जब रूस ने कीव पर तड़के सुबह लगभग 500 ड्रोन और 40 मिसाइलें दागीं, जिससे राजधानी और आसपास के इलाकों में दहशत फैल गई। रिपोर्टों के अनुसार इस हमले में कम से कम 1 व्यक्ति की मौत और लगभग 27 लोगों के घायल होने की पुष्टि की गई है। यूक्रेन ने हमलों को “हमारे शांति प्रयासों का जवाब” बताया है।
दूसरी तरफ एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक घटनाक्रम भी सामने आ रहा है — यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की रविवार को फ्लोरिडा में पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात करने वाले हैं। यह मुलाकात इसलिए अहम मानी जा रही है, क्योंकि ट्रंप कई मौकों पर कह चुके हैं कि यदि वह फिर सत्ता में आते हैं, तो वे “रूस-यूक्रेन युद्ध को 24 घंटे में रोक सकते हैं।” मुलाकात में डोनेट्स्क और ज़ापोरिज़िया क्षेत्र की सुरक्षा, भविष्य की भू-राजनीतिक गारंटी और युद्धविराम की संभावनाएँ चर्चा के मुख्य विषय होंगे।
ज़ेलेंस्की का कहना है कि रूस द्वारा कीव पर 10 घंटे लगातार की गई बमबारी इस बात का संकेत है कि युद्ध अब और क्रूर मोड़ की ओर बढ़ सकता है। उन्होंने कहा — “हमने दुनिया के सामने शांति का प्रयास किया, और रूस ने ड्रोन-मिसाइलों से उसका जवाब दिया।”
इसी बीच कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने भी रूस की निंदा करते हुए कहा कि स्थायी शांति तभी संभव है जब रूस भी उस प्रक्रिया में शामिल हो। उन्होंने कीव पर हालिया हमले को “बर्बरता” बताया और कहा कि यूक्रेन के साथ खड़ा होना आज की सबसे बड़ी अंतरराष्ट्रीय नैतिक आवश्यकता है।
कार्नी ने यूक्रेन के लिए 2.5 अरब कनाडाई डॉलर (लगभग 1.82 अरब अमेरिकी डॉलर) की आर्थिक सहायता की घोषणा की। यह फंड यूक्रेन के पुनर्निर्माण और युद्ध-प्रभावित क्षेत्रों में ज़रूरी ढाँचा बहाल करने में इस्तेमाल किया जाएगा। कनाडा ने यह भी कहा कि इस धनराशि का उद्देश्य “लंबी जंग से टूट रही अर्थव्यवस्था को राहत देना और वैश्विक समर्थन जुटाने में बढ़त देना” है।
आज विश्व यह सवाल पूछ रहा है — क्या ट्रंप-ज़ेलेंस्की मुलाकात युद्ध का मोड़ बदलेगी? या पुतिन की चेतावनी यह संकेत है कि 2026 में युद्ध और भयंकर रूप ले सकता है?
एक तरफ शांति-बातचीत की उम्मीद, दूसरी तरफ मिसाइलों की बारिश — यही इस संघर्ष की त्रासदी है।
