खतरनाक अभियानों में अदम्य साहस दिखाने वाले पुलिस योद्धाओं को योगी सरकार का बड़ा सम्मान
Swaraj Times Desk: उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने और जान जोखिम में डालकर कर्तव्य निभाने वाले पुलिसकर्मियों के सम्मान में बड़ा फैसला लिया गया है. राज्य पुलिस के साहसिक और उत्कृष्ट कार्यों को मान्यता देते हुए कुल 35 पुलिसकर्मियों को मुख्यमंत्री वीरता पदक और मुख्यमंत्री प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किए जाने की संस्तुति की गई है. यह प्रस्ताव पुलिस महानिदेशक कार्यालय की ओर से गृह विभाग को भेजा गया है.
इस प्रस्ताव के तहत 10 पुलिसकर्मियों को उनके अदम्य साहस, जोखिमपूर्ण अभियानों और कर्तव्य पालन के दौरान असाधारण बहादुरी के लिए मुख्यमंत्री वीरता पदक दिया जाएगा. वहीं, 25 पुलिसकर्मियों को दीर्घकालिक उत्कृष्ट सेवा, अनुशासन और कार्यकुशलता के लिए मुख्यमंत्री प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया जाएगा.
क्या मिलेगा मुख्यमंत्री वीरता पदक विजेताओं को?
मुख्यमंत्री वीरता पदक से सम्मानित पुलिसकर्मियों को पदक और प्रशस्ति पत्र के साथ-साथ 1,000 रुपये प्रतिमाह की प्रोत्साहन राशि भी प्रदान की जाएगी. यह सम्मान उन पुलिसकर्मियों के लिए है, जिन्होंने आतंकवाद, संगठित अपराध, मुठभेड़ों या अन्य अत्यंत जोखिमपूर्ण परिस्थितियों में अद्वितीय साहस का परिचय दिया.
वीरता पदक पाने वालों में एसटीएफ, जिला पुलिस और कमिश्नरेट में तैनात वे अधिकारी और जवान शामिल हैं, जिन्होंने अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए जान की परवाह किए बिना अपराधियों से मुकाबला किया और आम जनता की सुरक्षा सुनिश्चित की.
25 पुलिसकर्मियों को मिलेगा प्रशस्ति पत्र
इसके अलावा 25 पुलिसकर्मियों को मुख्यमंत्री प्रशस्ति पत्र से सम्मानित किया जाएगा. इन्हें 25 हजार रुपये की एकमुश्त नकद राशि और प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा. यह सम्मान उन पुलिसकर्मियों को मिलेगा, जिन्होंने लंबे समय तक अनुशासन, ईमानदारी और कार्यकुशलता के साथ सेवा दी है और विभाग की छवि को मजबूत किया है.
इनमें बरेली, मथुरा, आगरा, जौनपुर, आजमगढ़, मैनपुरी, लखनऊ, संभल समेत कई जिलों और एसटीएफ व एटीएस जैसे विशेष यूनिट्स में तैनात पुलिसकर्मी शामिल हैं.
पुलिस का मनोबल बढ़ाने की पहल
विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह के सम्मान पुलिस बल का मनोबल बढ़ाने में अहम भूमिका निभाते हैं. इससे न सिर्फ जांबाज पुलिसकर्मियों को उनका हक मिलता है, बल्कि पूरे बल को यह संदेश जाता है कि ईमानदारी, साहस और कर्तव्यनिष्ठा की कद्र की जाती है.
उत्तर प्रदेश सरकार का यह कदम साफ तौर पर दिखाता है कि राज्य में कानून-व्यवस्था संभालने वाले पुलिसकर्मियों के साहस और बलिदान को सम्मान देने के लिए सरकार पूरी तरह प्रतिबद्ध है.
