Kashmir News: ड्रग्स और सोशल मीडिया से सावधान रहने की सलाह, कश्मीर यूनिवर्सिटी के मंच से दिया एकता का संदेश
Swaraj Times Desk: भारत के उपराष्ट्रपति C. P. Radhakrishnan ने कश्मीर विश्वविद्यालय के 21वें दीक्षांत समारोह में युवाओं को एकजुट भारत का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि कश्मीर को “मेरा” या “तुम्हारा” कहने के बजाय हमेशा “हमारा कश्मीर” कहा जाना चाहिए।
उपराष्ट्रपति ने University of Kashmir के मंच से छात्रों को संबोधित करते हुए कहा, “कश्मीर एकजुट भारत के दिल में बसता है। मैं आपसे केवल तीन शब्द चाहता हूं—हमारा कश्मीर।” उनका यह संदेश राष्ट्रीय एकता और सामाजिक समरसता पर केंद्रित था।
ड्रग्स और सोशल मीडिया पर चेतावनी
अपने संबोधन में उन्होंने युवाओं में बढ़ते नशे और सोशल मीडिया के दुरुपयोग पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि मजबूत भारत के निर्माण के लिए शिक्षा सबसे बड़ा हथियार है। छात्रों से अपील करते हुए उन्होंने कहा कि डिजिटल दुनिया का इस्तेमाल जिम्मेदारी से करें और नशे से दूर रहें।
शिक्षा और राष्ट्रीय एकीकरण
उपराष्ट्रपति ने प्रधानमंत्री छात्रवृत्ति योजना की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी योजनाएं युवाओं को देशभर के संस्थानों में पढ़ने का अवसर देती हैं और राष्ट्रीय एकीकरण को मजबूत करती हैं। उन्होंने अपने झारखंड के राज्यपाल कार्यकाल का जिक्र करते हुए बताया कि ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ कार्यक्रम के तहत आए कश्मीरी छात्रों को उनकी पसंद का भोजन उपलब्ध कराया गया, क्योंकि लोकतंत्र में दूसरों की भावनाओं का सम्मान जरूरी है।
उन्होंने कहा, “हमें अपनी आस्था और पहचान पर गर्व होना चाहिए, लेकिन दूसरों की भावनाओं को आहत नहीं करना चाहिए। यही सच्चा लोकतंत्र है।”
महिलाओं की ऐतिहासिक उपलब्धि
दीक्षांत समारोह में कुल 59,558 डिग्रियां प्रदान की गईं। 239 गोल्ड मेडल में से 186 महिला विद्यार्थियों को मिले, जिसकी उपराष्ट्रपति ने विशेष प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि यह गर्व की बात है कि राज्य की शिक्षा मंत्री और विश्वविद्यालय की कुलपति दोनों महिलाएं हैं।
अंत में उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय की असली पहचान उसके छात्र हैं, जो समाज में चरित्र और योगदान से अपनी छाप छोड़ते हैं। उनका संदेश साफ था—एकजुट भारत का सपना युवाओं की जिम्मेदारी है।
