ठंड और प्रदूषण से बिगड़ी थी तबीयत, ब्रोंकियल अस्थमा के चलते अस्पताल में कराया गया था भर्ती
Swaraj Times Desk: कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद सोनिया गांधी को रविवार (11 जनवरी 2026) की शाम करीब 5 बजे नई दिल्ली स्थित सर गंगाराम अस्पताल से छुट्टी दे दी गई. करीब छह दिनों तक इलाज के बाद उनकी सेहत में सुधार हुआ है और अब आगे का उपचार उनके आवास पर ही जारी रहेगा.
क्यों कराया गया था अस्पताल में भर्ती?
सोनिया गांधी को सोमवार (5 जनवरी 2026) की रात सांस लेने में परेशानी की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था. डॉक्टरों के अनुसार, ठंड और बढ़ते वायु प्रदूषण के कारण उनके ब्रोंकियल अस्थमा से जुड़े लक्षण बढ़ गए थे, जिससे उनकी तबीयत बिगड़ने लगी थी. एहतियात के तौर पर उन्हें तुरंत निगरानी में रखा गया.
डॉक्टरों ने क्या कहा?
अस्पताल के चेयरमैन डॉ. अजय स्वरूप ने बताया कि सोनिया गांधी का इलाज सीनियर कंसल्टेंट चेस्ट मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. अरूप बसु की देखरेख में किया गया. जांच में हल्का चेस्ट इंफेक्शन भी सामने आया था, जिसके लिए उन्हें एंटीबायोटिक्स और सपोर्टिव दवाएं दी गईं.
डॉ. स्वरूप के मुताबिक, “इलाज के दौरान सोनिया गांधी की हालत लगातार स्थिर रही और उन्होंने दवाओं पर अच्छी प्रतिक्रिया दी. अब उनकी स्थिति संतोषजनक है, इसलिए उन्हें घर पर आराम और फॉलो-अप इलाज की सलाह के साथ डिस्चार्ज किया गया है.”
इलाज के दौरान रही कड़ी निगरानी
हालांकि दो-तीन दिन में ही उनकी हालत में सुधार देखने को मिला था, लेकिन उम्र और पुरानी स्वास्थ्य समस्याओं को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें कुछ और दिन अस्पताल में निगरानी में रखा. इस दौरान उनकी ऑक्सीजन लेवल, सांस की स्थिति और इंफेक्शन पर लगातार नजर रखी गई.
पहले भी बिगड़ चुकी है सेहत
79 वर्षीय सोनिया गांधी को पहले भी स्वास्थ्य कारणों से अस्पताल में भर्ती कराया जा चुका है. जून 2025 में हिमाचल प्रदेश दौरे के दौरान उनकी तबीयत बिगड़ गई थी. उस समय वह शिमला में प्रियंका गांधी वाड्रा के आवास पर थीं, जहां से उन्हें पहले स्थानीय अस्पताल और बाद में दिल्ली के सर गंगाराम अस्पताल में भर्ती कराया गया था. डॉक्टरों ने उन्हें कुछ दिनों तक घर पर आराम करने, प्रदूषण से बचने और नियमित दवाएं लेने की सलाह दी है. कांग्रेस पार्टी के सूत्रों के मुताबिक, फिलहाल वे किसी सार्वजनिक कार्यक्रम में हिस्सा नहीं लेंगी.
