‘कृष्ण का अंतर्द्वंद्व’: जब देवता इतिहास से उतरकर चेतना में बोलता है, हिंदी साहित्य में नई वैचारिक हलचल
यह ग्रंथ आस्था नहीं बेचता, प्रश्न जगाता है—कृष्ण यहाँ पूजा नहीं, संवाद हैं Swaraj Times Desk: हिंदी साहित्य में हाल ही में एक ऐसी कृति का आगमन हुआ है, जिसने…
