भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर जयराम रमेश का तीखा वार, बोले— ये ‘फादर ऑफ ऑल डील्स’ नहीं
Swaraj Times Desk: भारत और अमेरिका के बीच टैरिफ घटने की खबर ने जहां व्यापार जगत में हलचल मचाई है, वहीं राजनीतिक गलियारों में भी तीखी प्रतिक्रिया शुरू हो गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने भारत पर टैरिफ 25% से घटाकर 18% करने का ऐलान किया, लेकिन कांग्रेस ने इसे सरकार की कूटनीतिक जीत मानने से इनकार कर दिया।
कांग्रेस महासचिव Jairam Ramesh ने सोशल मीडिया पर तीखा बयान देते हुए कहा कि यह डील किसी भी तरह से “फादर ऑफ ऑल डील्स” नहीं हो सकती। उन्होंने तंज कसते हुए लिखा कि ऐसा लगता है प्रधानमंत्री Narendra Modi ने अंततः “हार मान ली” है।
कांग्रेस का आरोप: दबाव में दिखे पीएम
जयराम रमेश ने कहा कि हाल के महीनों में अमेरिका से जुड़े बड़े फैसलों की घोषणा वॉशिंगटन से हो रही है, न कि नई दिल्ली से। उनके मुताबिक, पहले ऑपरेशन सिंदूर को लेकर बयान आया, फिर भारत की तेल खरीद पर अपडेट और अब ट्रेड डील— सबकी जानकारी अमेरिका की ओर से सामने आई।
उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मोदी अमेरिकी नेतृत्व के सामने “दबाव में” दिखाई देते हैं और भारत को अपनी ही सरकार के फैसलों की जानकारी अमेरिकी स्रोतों से मिल रही है। कांग्रेस नेता ने इसे “ट्रंप-निर्भरता” करार दिया।
‘मोगैम्बो खुश हुआ’ वाला तंज
जयराम रमेश ने अपने बयान में फिल्मी अंदाज भी जोड़ा। उन्होंने लिखा कि वॉशिंगटन में “मोगैम्बो खुश हुआ”, इशारा करते हुए कि इस समझौते से अमेरिका ज्यादा संतुष्ट दिख रहा है। उनका कहना है कि जब तक समझौते की पूरी शर्तें सार्वजनिक नहीं होतीं, इसे बड़ी कूटनीतिक उपलब्धि बताना जल्दबाज़ी होगी।
टैरिफ कटौती पर सवाल
हालांकि टैरिफ में कमी से भारतीय निर्यातकों को राहत मिलने की संभावना जताई जा रही है, कांग्रेस का तर्क है कि असली सवाल यह है कि बदले में भारत ने क्या रियायतें दी हैं। पार्टी का कहना है कि संसद और देश को पूरी जानकारी दी जानी चाहिए। साफ है— व्यापारिक फैसले अब राजनीतिक बहस का केंद्र बन चुके हैं।
