Swaraj Times Desk: बिहार की राजनीति से एक चौंकाने वाला बयान सामने आया है। राष्ट्रीय जनता दल प्रमुख लालू प्रसाद यादव के बेटे और जन शक्ति जनता दल के अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने अपनी जान को खतरा बताते हुए राज्य के डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी को पत्र लिखा है। तेज प्रताप यादव का कहना है कि उन्हें लगातार धमकियां मिल रही हैं और किसी भी समय उनकी हत्या हो सकती है।
तेज प्रताप यादव ने मीडिया से बातचीत में कहा कि बीते कुछ समय से सोशल मीडिया के जरिए उन्हें लगातार डराने-धमकाने वाले संदेश मिल रहे हैं। इन धमकियों को वह हल्के में नहीं ले रहे हैं, क्योंकि हालात बेहद गंभीर होते जा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि उन्हें नहीं पता कि कब, कहां और किस तरह उनकी जान पर हमला हो सकता है।
डिप्टी सीएम को लिखा पत्र
तेज प्रताप यादव ने बताया कि उन्होंने अपनी सुरक्षा को लेकर औपचारिक रूप से बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को पत्र लिखा है। इस पत्र में उन्होंने अपनी जान को खतरा बताते हुए पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है। तेज प्रताप के मुताबिक, एक जनप्रतिनिधि होने के नाते राज्य सरकार की जिम्मेदारी बनती है कि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा, “आप खुद देख सकते हैं कि सोशल मीडिया पर किस तरह की बातें लिखी जा रही हैं। ऐसे में मैंने अपनी सुरक्षा को लेकर डिप्टी सीएम को पत्र लिखा है और संबंधित अधिकारियों को भी जानकारी दी है।”
FIR भी कराई दर्ज
तेज प्रताप यादव ने यह भी जानकारी दी कि उन्होंने इस मामले में सचिवालय थाना में एफआईआर दर्ज कराई है। उनका कहना है कि कानून को अपने हाथ में लेने के बजाय उन्होंने पूरी तरह से कानूनी रास्ता अपनाया है। अब वह चाहते हैं कि प्रशासन इस मामले को गंभीरता से ले और जल्द कार्रवाई करे।
राबड़ी देवी के घर को लेकर भी बयान
इस बीच, पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के मौजूदा सरकारी आवास को खाली करने को लेकर चल रही चर्चाओं पर भी तेज प्रताप यादव ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने साफ किया कि उस घर में किसी तरह का कोई तहखाना नहीं है, जैसा कि कुछ लोग दावा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस तरह की अफवाहें फैलाई जा रही हैं, जिनका सच्चाई से कोई लेना-देना नहीं है।
राजनीतिक हलकों में हलचल
तेज प्रताप यादव के इस बयान के बाद बिहार की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। विपक्षी दल जहां सरकार से जवाब मांग रहे हैं, वहीं सत्तारूढ़ गठबंधन पर भी दबाव बढ़ता नजर आ रहा है। अब सबकी निगाहें इस पर टिकी हैं कि राज्य सरकार तेज प्रताप यादव की सुरक्षा को लेकर क्या कदम उठाती है और जांच एजेंसियां धमकियों के पीछे किसे जिम्मेदार ठहराती हैं।
