Swaraj Times Desk: Sports/ Cricket: बांग्लादेश प्रीमियर लीग (BPL) 2025-26 के बीच एक बेहद दुखद और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। शनिवार को राजशाही और ढाका कैपिटल्स के बीच खेले जाने वाले मुकाबले से पहले ही क्रिकेट जगत शोक में डूब गया, जब ढाका कैपिटल्स के सहायक कोच महबूब अली जकी की मैदान पर ही हार्ट अटैक से मौत हो गई। यह हादसा सिलहट इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में हुआ, जहां टीम मैच से पहले अभ्यास सत्र में जुटी हुई थी।
जानकारी के मुताबिक, 59 वर्षीय महबूब अली जकी पूरी तरह सक्रिय नजर आ रहे थे। उन्होंने खिलाड़ियों से बातचीत की, टीम की रणनीति पर चर्चा की और प्री-मैच ड्रिल में भी हिस्सा लिया। किसी को अंदाजा नहीं था कि कुछ ही पलों में यह अभ्यास सत्र मातम में बदल जाएगा। अचानक महबूब अली मैदान पर बेहोश होकर गिर पड़े, जिससे वहां मौजूद खिलाड़ी और सपोर्ट स्टाफ घबरा गए।
स्थिति की गंभीरता को समझते हुए टीम के मेडिकल और सपोर्ट स्टाफ ने तुरंत उन्हें CPR देना शुरू किया। मैदान पर मौजूद सभी लोग उनकी सांसें लौटने की दुआ कर रहे थे। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद डॉक्टर उन्हें बचा नहीं सके और अस्पताल पहुंचने पर उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
ढाका कैपिटल्स फ्रेंचाइजी ने इस दुखद घटना की पुष्टि करते हुए आधिकारिक बयान जारी किया। टीम ने कहा कि महबूब अली जकी का अचानक निधन पूरे ढाका कैपिटल्स परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है। फ्रेंचाइजी ने ईश्वर से दिवंगत आत्मा की शांति और उनके परिवार को इस कठिन समय में संबल देने की प्रार्थना की।
इस हादसे के बाद बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने भी गहरा शोक व्यक्त किया। बोर्ड ने अपने संदेश में कहा कि महबूब अली जकी का निधन बांग्लादेश क्रिकेट के लिए एक बड़ी क्षति है। BCB के अनुसार, उनका निधन 27 दिसंबर 2025 को दोपहर करीब 1 बजे सिलहट में हुआ। बोर्ड ने कहा कि तेज गेंदबाजी और देश में क्रिकेट के विकास में उनके योगदान को हमेशा सम्मान के साथ याद किया जाएगा।
महबूब अली जकी को बांग्लादेश क्रिकेट में एक समर्पित कोच और अनुशासित क्रिकेट दिमाग के तौर पर जाना जाता था। खिलाड़ियों के साथ उनका व्यवहार बेहद सहज और प्रेरणादायक माना जाता था। वह युवाओं को आगे बढ़ाने और टीम में अनुशासन बनाए रखने के लिए खास तौर पर पहचाने जाते थे।
मैच से ठीक पहले हुए इस हादसे ने न सिर्फ ढाका कैपिटल्स बल्कि पूरे टूर्नामेंट का माहौल गमगीन कर दिया। सोशल मीडिया पर क्रिकेट प्रशंसक, पूर्व खिलाड़ी और विश्लेषक उनके अचानक निधन पर शोक व्यक्त कर रहे हैं। कई लोगों ने सवाल भी उठाए कि खेल के मैदानों पर आपात चिकित्सा सुविधाओं को और मजबूत करने की जरूरत है।
यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि खेल जगत से जुड़े लोग भी भारी दबाव और तनाव में काम करते हैं, और उनकी सेहत की अनदेखी कितनी खतरनाक साबित हो सकती है। महबूब अली जकी का जाना बांग्लादेश क्रिकेट के लिए ऐसा खालीपन छोड़ गया है, जिसे भर पाना आसान नहीं होगा।
