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PM Modi Israel Visit: इजरायल की संसद में इतिहास रचते हुए पीएम मोदी ने जेएफआर जैकब को किया याद, भारत-इजरायल रिश्तों को बताया अटूट

Swaraj Times Desk: प्रधानमंत्री Narendra Modi ने इजरायल की संसद Knesset को संबोधित कर नया इतिहास रच दिया। ऐसा करने वाले वे पहले भारतीय प्रधानमंत्री बने। अपने संबोधन में उन्होंने भारत-इजरायल संबंधों की मजबूती पर जोर देते हुए 1971 के युद्ध के नायक J. F. R. Jacob का विशेष उल्लेख किया।

पीएम मोदी ने याद दिलाया कि 17 सितंबर 1950—जिस दिन उनका जन्म हुआ—उसी दिन भारत ने इजरायल को मान्यता दी थी। उन्होंने इसे “ऐतिहासिक संयोग” बताते हुए दोनों देशों के रिश्तों की गहराई रेखांकित की।

1971 की रणनीतिक जीत का जिक्र

प्रधानमंत्री ने कहा कि लेफ्टिनेंट जनरल जेएफआर जैकब का योगदान भारत-पाकिस्तान युद्ध 1971 में निर्णायक रहा। उस युद्ध में उनकी रणनीति ने पाकिस्तान को घुटनों पर ला दिया और बांग्लादेश के गठन का रास्ता साफ हुआ। मोदी ने बताया कि रिटायरमेंट के बाद उन्हें जैकब से कई बार मिलने और चर्चा करने का अवसर मिला, जिसमें भारत और इजरायल के साझा मूल्यों पर बातचीत होती थी।

क्या थी जैकब की रणनीति?

1971 में भारतीय सेना की ईस्टर्न कमांड के चीफ ऑफ स्टाफ के रूप में जैकब ने पारंपरिक युद्ध पद्धति से हटकर तेज, लक्ष्य-केंद्रित रणनीति अपनाई। मजबूत ठिकानों पर सीधा हमला करने के बजाय उन्होंने दुश्मन की संचार और रसद व्यवस्था काटने पर ध्यान दिया। छोटे-छोटे दलों में आगे बढ़ती भारतीय सेना ने पाकिस्तान को अलग-थलग कर दिया और ढाका तक तेजी से पहुंच बनाई। यह रणनीति आधुनिक सैन्य इतिहास में मिसाल मानी जाती है।

भारत-इजरायल का सांस्कृतिक जुड़ाव

जेएफआर जैकब यहूदी मूल के भारतीय थे। उन्होंने खुद को पहले भारतीय सैनिक माना, लेकिन उनकी पहचान भारत और यहूदी समुदाय के ऐतिहासिक संबंधों का प्रतीक भी रही। मोदी का उनका उल्लेख केवल इतिहास का स्मरण नहीं, बल्कि दोनों देशों के साझा लोकतांत्रिक मूल्यों और रणनीतिक साझेदारी का संकेत भी था।

इजरायली प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने भी मोदी को “दोस्त से बढ़कर भाई” बताया। यह दौरा रक्षा, तकनीक और सुरक्षा सहयोग के नए अध्याय खोलने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

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