भारत रत्न पर सियासी घमासान तेज, BJP ने लालू यादव की दावेदारी को बताया अपमानजनक
Swaraj Times Desk: बिहार की राजनीति में भारत रत्न को लेकर बयानबाज़ी तेज हो गई है. भारतीय जनता पार्टी के सांसद जनार्दन सिंह सिग्रीवाल ने राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता तेज प्रताप यादव की उस मांग को सिरे से खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने अपने पिता लालू प्रसाद यादव को भारत रत्न देने की बात कही थी. सिग्रीवाल ने दो टूक कहा कि जो लोग घोटालों में दोषी ठहराए गए हों और बार-बार जेल गए हों, वे देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान के योग्य नहीं हो सकते.
आईएएनएस से बातचीत में सिग्रीवाल ने कहा कि भारत रत्न देश का सबसे बड़ा सम्मान है, जो असाधारण सेवा, ईमानदारी और राष्ट्रहित में योगदान के लिए दिया जाता है. उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि अगर घोटाले करने वालों को भारत रत्न दिया जाने लगे, तो फिर जेल जाना भी “उपलब्धि” माननी पड़ेगी. उनका आरोप था कि लालू यादव के शासनकाल में भ्रष्टाचार संस्थागत रूप ले चुका था.
‘जमीन के बदले नौकरी’ पर कड़ा रुख
‘लैंड फॉर जॉब’ मामले में अदालत द्वारा आरोप तय होने के संदर्भ में सिग्रीवाल ने कहा कि यह पूरी तरह न्यायालय का विषय है. उन्होंने जोड़ा कि अदालतें सबूतों के आधार पर फैसले लेती हैं. उनके मुताबिक, सत्ता में रहते हुए पद का दुरुपयोग कर मेरिट की अनदेखी करना और जमीन लेकर नौकरियां बांटना गंभीर भ्रष्टाचार का उदाहरण है.
नीतीश कुमार के कामों की सराहना
इसके उलट, सिग्रीवाल ने बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने राज्य में ‘जंगलराज’ का अंत किया और सुशासन की मजबूत नींव रखी. उनके नेतृत्व में कानून-व्यवस्था सुधरी और विकास की दिशा में ठोस कदम उठे. सिग्रीवाल ने संकेत दिया कि देशहित में योगदान देने वाले नेताओं को सम्मान मिलना चाहिए.
अन्य मुद्दों पर भी टिप्पणी
बीजेपी सांसद ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री पर भी मर्यादा और संवैधानिक मूल्यों की बात कही. साथ ही सोमनाथ मंदिर को लेकर उन्होंने कहा कि यह भारत की सांस्कृतिक आत्मा का प्रतीक है और प्रधानमंत्री द्वारा वहां श्रद्धा व्यक्त करना गौरव का विषय है.
कुल मिलाकर, भारत रत्न को लेकर यह बहस बिहार की राजनीति में नई सियासी रेखाएं खींच रही है—एक ओर राजद की मांग, तो दूसरी ओर बीजेपी का कड़ा विरोध.
