Trump Tariff: आपातकालीन कानून के तहत लगाए शुल्क को अवैध ठहराया, चुनावी साल में व्यापार नीति पर नया संग्राम
Swaraj Times Desk: अमेरिका में टैरिफ को लेकर सियासी और कानूनी टकराव खुलकर सामने आ गया है। Supreme Court of the United States ने 6-3 के बहुमत से फैसला सुनाते हुए राष्ट्रपति Donald Trump द्वारा आपातकालीन अधिकारों के तहत लगाए गए टैरिफ को अवैध करार दिया है। अदालत ने कहा कि जिस कानून का हवाला देकर शुल्क लगाए गए, वह राष्ट्रपति को सीधे टैरिफ लगाने की शक्ति नहीं देता।
क्या कहा सुप्रीम कोर्ट ने?
कोर्ट ने स्पष्ट किया कि 1977 के International Emergency Economic Powers Act (IEEPA) के तहत राष्ट्रपति को आपात स्थिति में व्यापार को “नियंत्रित” करने का अधिकार है, लेकिन इस कानून में आयात शुल्क लगाने का स्पष्ट प्रावधान नहीं है। इस फैसले को उन राज्यों और कंपनियों के लिए राहत माना जा रहा है, जिन्होंने बढ़े हुए टैरिफ को अदालत में चुनौती दी थी।
किन देशों पर लगाए गए थे टैरिफ?
राष्ट्रपति ट्रंप ने इसी कानून का उपयोग करते हुए मेक्सिको, कनाडा और चीन पर अतिरिक्त शुल्क लगाए थे। बाद में ‘लिबरेशन डे’ के नाम पर भारत सहित कई देशों पर व्यापक टैरिफ लागू किए गए। ट्रंप का तर्क रहा है कि इन कदमों से अमेरिकी मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा मिलेगा और विदेशी कंपनियां अमेरिका में निवेश करने को मजबूर होंगी।
फैसले के बाद ट्रंप की प्रतिक्रिया
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के तुरंत बाद ट्रंप ने कड़ा रुख अपनाया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, गवर्नर्स के साथ एक निजी बैठक में उन्होंने फैसले को “शर्मनाक” बताया और कहा कि “इन अदालतों के बारे में कुछ करना होगा।” उन्होंने यह भी कहा कि वे व्यापार पूरी तरह रोक सकते हैं, लेकिन एक डॉलर का टैरिफ नहीं लगा सकते—इसे उन्होंने ‘अजीब स्थिति’ बताया।
नया दांव: 10% वैश्विक टैरिफ
कोर्ट के फैसले के बाद ट्रंप ने वैश्विक स्तर पर 10 प्रतिशत टैरिफ लगाने की नई घोषणा कर दी। उन्होंने संकेत दिया कि प्रशासन अन्य कानूनी प्रावधानों का सहारा लेकर अपनी व्यापार नीति जारी रखेगा।
चुनावी साल में बढ़ी गर्मी
टैरिफ ट्रंप की आर्थिक रणनीति का अहम हिस्सा रहे हैं। वे चुनावी रैलियों में इसे रोजगार और निवेश बढ़ाने का माध्यम बताते रहे हैं। लेकिन सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले ने कार्यपालिका और न्यायपालिका के बीच संभावित संवैधानिक टकराव की आशंका बढ़ा दी है।
अब नजर इस पर रहेगी कि प्रशासन आगे कौन-सा कानूनी रास्ता अपनाता है और यह विवाद अमेरिकी राजनीति को किस दिशा में ले जाता है।
