Delhi News: आबकारी केस खारिज होते ही आम आदमी पार्टी का पलटवार, बोली- राजनीतिक साजिश हुई बेनकाब
Swaraj Times Desk: दिल्ली के कथित आबकारी मामले में सीबीआई की विशेष अदालत के फैसले के बाद आम आदमी पार्टी (AAP) ने इसे अपनी नैतिक और राजनीतिक जीत बताया है। पार्टी का कहना है कि अदालत का विस्तृत फैसला इस पूरे प्रकरण को “मुकदमे के लायक भी नहीं” ठहराता और इससे यह साबित हो गया कि मामला राजनीतिक द्वेष से प्रेरित था।
AAP ने बयान जारी कर कहा कि यह फैसला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के लिए “करारा तमाचा” है। पार्टी के मुताबिक, यह केस उनके शीर्ष नेतृत्व—खासकर अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया—की छवि को धूमिल करने और पार्टी को तोड़ने की साजिश के तहत खड़ा किया गया था।
बीजेपी और कांग्रेस पर एक साथ निशाना
आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया कि इस कथित मामले की शुरुआत कांग्रेस द्वारा लगाए गए आरोपों से हुई और बाद में इसे बीजेपी के हाथों में सौंप दिया गया। पार्टी का दावा है कि यह राजनीतिक प्रतिद्वंद्वियों को चुनावी मैदान में न हरा पाने की हताशा का परिणाम था।
AAP ने यह भी कहा कि अदालत के फैसले ने केंद्रीय एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पार्टी के मुताबिक, जांच एजेंसियों की साख को नुकसान पहुंचा है और यह साफ हो गया है कि एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक उद्देश्यों के लिए किया गया।
598 पन्नों के फैसले का हवाला
पार्टी नेताओं ने अदालत के विस्तृत फैसले का जिक्र करते हुए कहा कि उसमें किसी भी तरह के आपसी लेन-देन या लाभ पहुंचाने के स्पष्ट सबूत नहीं पाए गए। AAP का दावा है कि न तो तत्कालीन मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और न ही पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया के खिलाफ कोई ठोस प्रमाण अदालत के सामने पेश किए जा सके।
‘कट्टर ईमानदार’ की छवि दोहराई
पार्टी ने दोहराया कि वह “कट्टर ईमानदार” राजनीति की पक्षधर है और जनता के भरोसे पर खरी उतरी है। AAP का कहना है कि यह फैसला उनके समर्थकों के विश्वास को और मजबूत करेगा।
राजनीतिक गलियारों में इस फैसले को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। जहां AAP इसे अपनी बड़ी जीत मान रही है, वहीं विपक्षी दलों की ओर से भी प्रतिक्रिया आने की संभावना है। फिलहाल, यह फैसला राजधानी की राजनीति में बड़ा मोड़ साबित हो सकता है।
