पीड़िता और महिला संगठनों का कोर्ट आदेश के खिलाफ हल्ला – “सुप्रीम कोर्ट से इंसाफ की उम्मीद”
Swaraj Times Desk: दिल्ली के जंतर–मंतर पर रविवार (28 दिसंबर) को उन्नाव रेप केस एक बार फिर सुर्खियों में आ गया, जब बड़ी संख्या में महिलाएं और सामाजिक कार्यकर्ता दोषी कुलदीप सिंह सेंगर की जमानत के विरोध में सड़क पर उतर आए। प्रदर्शनकारी दिल्ली हाई कोर्ट के उस हालिया आदेश से नाराज हैं, जिसमें आजीवन कारावास की सजा पाए सेंगर की सजा को सस्पेंड करने और जमानत देने की अनुमति दी गई है।
विरोध प्रदर्शन – नारों से गूंजा जंतर–मंतर
सुबह से ही जंतर-मंतर पर भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। हाथों में पोस्टर, “हम न्याय चाहते हैं” और “रेप के दोषियों को राहत क्यों?” जैसे नारे दर्जनों महिलाओं ने लगाए। पीड़िता स्वयं भी विरोध का नेतृत्व कर रही थीं और उन्होंने साफ कहा —
“मुझे सुप्रीम कोर्ट पर पूरा भरोसा है। सभी जज एक जैसे नहीं होते, वहीं से मुझे न्याय मिलेगा।”
समर्थकों से भिड़ंत पर तकरार तेज
विवाद तब और बढ़ गया जब एक महिला हाथ में “I Support Kuldeep Sengar” लिखा बैनर लेकर भीड़ में पहुंची। यह दृश्य देखते ही प्रदर्शनकारियों और उस महिला के बीच तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। सामाजिक कार्यकर्ता योगिता भयाना ने उस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा —
“रेप पर राजनीति करना बंद करो… और यह जो समर्थन करने आई हैं, इन्हें अटेंशन की जरूरत है।”
उन्होंने यह भी जोड़ा कि देश में अपराधों का बड़ा प्रतिशत पुरुषों द्वारा महिलाओं के खिलाफ होता है, ऐसे में दोषियों के समर्थन में खड़ा होना “विवेकहीनता” है।
केस की पृष्ठभूमि
उन्नाव का यह मामला 2017 में सामने आया था, जिसने देश को हिला कर रख दिया था। बीजेपी के तत्कालीन विधायक रहे कुलदीप सेंगर को बच्ची के साथ दुष्कर्म के आरोप में दोषी करार दिया गया और आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई।
अब जब कोर्ट ने उनकी सजा निलंबित करने का आदेश जारी किया — पीड़िता और समर्थक इसे “न्याय के खिलाफ चोट” बता रहे हैं। भीड़ लगातार “जमानत रद्द करो” की मांग कर रही है और पीड़िता ने स्पष्ट रूप से कहा है कि वह लड़ाई छोड़ेंगी नहीं। वह अपनी याचिका जल्द सुप्रीम कोर्ट में दाखिल करने की तैयारी में हैं।
