योगी सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार से पहले सियासी तापमान हाई
नए चेहरे, बड़े प्रमोशन और कुछ नेताओं के लिए झटका!
Swaraj Times Desk: उत्तर प्रदेश की सियासत में नए साल से पहले ही हलचल बढ़ गई है। खबरें तेज हैं कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जल्द ही मंत्रिमंडल विस्तार की घोषणा कर सकते हैं। 30 दिसंबर की शाम हुई बीजेपी कोर ग्रुप की अहम बैठक ने इस अटकल को और हवा दे दी है। माना जा रहा है कि 1 जनवरी के बाद खरवास खत्म होते ही कैबिनेट विस्तार को हरी झंडी मिल सकती है।
कितनी जगहें हैं खाली?
वर्तमान में योगी सरकार में 54 मंत्री शामिल हैं, जबकि संवैधानिक सीमा के मुताबिक अधिकतम 60 मंत्री हो सकते हैं। यानी 6 नए चेहरों के लिए रास्ता खुला है। इसके साथ कई मौजूदा मंत्रियों के विभाग भी बदलने की तैयारी है और कुछ को मंत्रिमंडल से हटाकर संगठन में नई जिम्मेदारियाँ दी जा सकती हैं।
संगठन में भी बड़ा फेरबदल
सूत्रों के मुताबिक बीजेपी प्रदेश संगठन में भी बड़ी सर्जरी की तैयारी है।
मंत्रिमंडल विस्तार के बाद लगभग 1 महीने के भीतर संगठन की नई टीम घोषित की जा सकती है।
इस कदम को आगामी 2027 विधानसभा चुनाव की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
कौन बन सकते हैं नए मंत्री?
सूत्रों में चर्चा में यह नाम सबसे आगे हैं—
| संभावित नया चेहरा | विवरण |
|---|---|
| भूपेंद्र चौधरी | कद बढ़ाने की तैयारी |
| अशोक कटारिया | बड़े गुर्जर चेहरे, पहले योगी 1.0 में मंत्री, अब स्वस्थ होकर सक्रिय |
| गोविंद नारायण शुक्ला (एमएलसी) | संगठन में मजबूत पकड़ |
प्रतिनिधित्व की राजनीति
सिख समाज से आने वाले बलदेव औलख को कैबिनेट रैंक मिलने की चर्चा – एकमात्र सिख मंत्री होने से उनका प्रमोशन संतुलन के लिहाज से अहम।
निषाद समुदाय की मजबूत पहचान – साध्वी निरंजन ज्योति को बड़ा पद मिलने की संभावना।
बागी विधायकों की लॉटरी?
समाजवादी पार्टी छोड़कर आए 7 विधायकों में से 2–3 को भी जगह मिलने की चर्चा है।
इनमें पूजा पाल और मनोज पांडेय प्रमुख नामों में शामिल।
सहयोगी दल भी होंगे खुश?
रीजनल पार्टियों को साधने के लिए—
राष्ट्रीय लोकदल कोटे से 1 नया राज्य मंत्री
अपना दल कोटे से भी 1 पद बढ़ सकता है
UP कैबिनेट विस्तार सिर्फ पदों का बदलाव नहीं, बल्कि
2027 चुनाव का टोन सेट करना, सामाजिक समीकरण साधना और संगठन–सरकार तालमेल को मजबूत करना है।
अब सबकी नजर योगी सरकार के नए साल के “पहले बड़े राजनीतिक फैसले” पर टिकी है।
