Swaraj Times Desk: बिहार की राजनीति में इन दिनों राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) को लेकर हलचल तेज है। पार्टी में टूट की चर्चाओं के बीच अब खुद पार्टी प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा की पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने इन तमाम अटकलों को सिरे से खारिज करते हुए साफ कहा है कि उनकी पार्टी में किसी भी तरह की टूट का सवाल ही नहीं उठता।
दरअसल, हाल ही में राष्ट्रीय लोक मोर्चा के तीन विधायकों की बीजेपी के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नितिन नबीन से मुलाकात की तस्वीरें सामने आई थीं। इन तस्वीरों के वायरल होते ही राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई कि उपेंद्र कुशवाहा की पार्टी में अंदरूनी असंतोष बढ़ रहा है और विधायकों के अलग राह पकड़ने की संभावना है।
इसी बीच शुक्रवार (26 दिसंबर 2025) को उपेंद्र कुशवाहा सासाराम पहुंचे, जहां वह परिषद के दौरान आम लोगों से मुलाकात कर रहे थे। इस दौरान जब पत्रकारों ने उनसे पार्टी में टूट की संभावनाओं को लेकर सवाल किया, तो उन्होंने तीखी प्रतिक्रिया दी। कुशवाहा ने कहा कि यह सवाल ही बेबुनियाद है और इसमें कोई सच्चाई नहीं है। उन्होंने मीडिया को नसीहत देते हुए कहा कि जब कोई वाजिब मुद्दा हो तभी उस पर सवाल किया जाना चाहिए।
उपेंद्र कुशवाहा ने यह भी स्पष्ट किया कि पार्टी के भीतर सब कुछ सामान्य है और विधायकों की किसी से भी मुलाकात को राजनीतिक संकट से जोड़ना गलत है। उन्होंने दो टूक कहा कि राष्ट्रीय लोक मोर्चा पूरी तरह एकजुट है और ऐसी अफवाहें केवल भ्रम फैलाने के लिए उड़ाई जा रही हैं।
गौरतलब है कि दो दिन पहले पटना में पार्टी की ओर से आयोजित लिट्टी-चोखा पार्टी में राष्ट्रीय लोक मोर्चा के तीन विधायक—रामेश्वर कुमार महतो, माधव आनंद और आलोक सिंह—शामिल नहीं हुए थे। इसी को लेकर कयास लगाए जाने लगे कि पार्टी में नाराजगी चल रही है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कुशवाहा ने कहा कि किसी कार्यक्रम में अनुपस्थित रहना कोई बड़ा राजनीतिक मुद्दा नहीं है और इसे जरूरत से ज्यादा तूल दिया जा रहा है।
राष्ट्रीय लोक मोर्चा में फिलहाल कुल चार विधायक हैं, जिनमें एक विधायक खुद उपेंद्र कुशवाहा की पत्नी स्नेहलता कुशवाहा हैं। पार्टी नेतृत्व का कहना है कि सभी विधायक संपर्क में हैं और संगठन पूरी मजबूती के साथ आगे बढ़ रहा है।
कुल मिलाकर, उपेंद्र कुशवाहा ने साफ संकेत दिया है कि पार्टी में टूट की खबरें महज अफवाह हैं और आने वाले समय में राष्ट्रीय लोक मोर्चा अपनी राजनीतिक रणनीति पर मजबूती से आगे बढ़ेगा।
