जम्मू–कश्मीर के पहलगाम हमले के बाद भारत–पाक तनाव और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को लेकर सामने आया चौंकाने वाला बयान!
Swaraj Times Desk: भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव की कहानी नई नहीं है, लेकिन हाल ही में पाकिस्तान के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी के एक बयान ने हालात को फिर से गर्म कर दिया है। यह बयान सीधे-सीधे ऑपरेशन सिंदूर से जुड़ा है — वो भारतीय सैन्य कार्रवाई, जिसे पाकिस्तान ने हमेशा सार्वजनिक मंचों पर झूठा बताया और “कभी हुआ ही नहीं” कहकर खारिज कर दिया। लेकिन अब, उन्हीं के राष्ट्रपति का एक बयान पाकिस्तान की आधिकारिक कहानी को पलटता दिखाई देता है।
जरदारी ने पाकिस्तान में एक कार्यक्रम के दौरान बोलते हुए खुलासा किया कि हमले और जवाबी हालात इतने गंभीर हो गए थे कि पाक सरकार और फौज के ऊँचे अधिकारी बंकरों में जाने को मजबूर हो गए थे। उनका बयान था — “मेरे प्रतिनिधि ने आकर कहा — सर, जंग शुरू हो गई है… आपको बंकर में चलना होगा।” इस एक लाइन ने पाकिस्तान की पूरी रणनीतिक छवि पर सवाल खड़े कर दिए।
पृष्ठभूमि समझें — 22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में एक भीषण आतंकी हमला हुआ, जिसमें निर्दोष 26 नागरिकों ने अपनी जान खो दी। भारत की खुफिया एजेंसियों ने इसे पाकिस्तान समर्थित आतंकियों का हमला बताया। इसी के बाद भारत ने जवाबी कार्रवाई के रूप में 6–7 मई की रात “ऑपरेशन सिंदूर” चलाया। कहा जाता है कि यह कार्रवाई सीमाएं पार करके आतंकी ठिकानों को निशाना बनाकर की गई थी — जैसे 2016 की सर्जिकल स्ट्राइक और 2019 का बालाकोट एयरस्ट्राइक।
पाकिस्तान का आधिकारिक रुख हमेशा यह था कि भारत ने उसकी सीमा में कोई ऑपरेशन नहीं किया। लेकिन जरदारी के कबूलनामे ने यह दावा खोखला कर दिया। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने अपने प्रतिनिधियों को “चार दिन पहले ही चेताया था कि जंग शुरू होने वाली है” — इसका संकेत संभवतः भारतीय तैयारी का उन्हें पहले ही अंदेशा था।
पाकिस्तानी मीडिया में यह चर्चा भी चल रही है कि उस दौरान पाकिस्तान के आर्मी चीफ आसिम मुनीर कई दिनों तक सार्वजनिक मंचों से गायब रहे, और सेना के कई शीर्ष अधिकारी भूमिगत बंकरों में रहे। जरदारी के बयान में यह स्वीकारोक्ति छिपी हुई है कि पाकिस्तान का सैन्य तंत्र भी खतरा महसूस कर रहा था — जबकि जनता के सामने “हम पूरी तरह तैयार हैं” का नारा दिया जाता था।
इस बयान का राजनीतिक उद्देश्य भी माना जा रहा है — कुछ विश्लेषकों का कहना है कि जरदारी पाकिस्तान की जनता के बीच “वीरता-भरी इमेज” बनाना चाहते हैं, जबकि दूसरी तरफ यह अनजाने में भारत को कूटनीतिक जीत दे बैठा—क्योंकि पहली बार कोई शीर्ष पाक नेता यह मान रहा है कि भारत की प्रतिक्रिया युद्ध जैसी थी।
ऑपरेशन सिंदूर का यह खुलासा भारत-पाक संबंधों को एक नए मोड़ पर ला सकता है। भारत की ओर से अभी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन रणनीतिक विशेषज्ञ इसे भारतीय सैन्य क्षमता का अप्रत्यक्ष अंतरराष्ट्रीय प्रमाण मान रहे हैं।
