नए भारत की रफ्तार… अब दो शहरों के बीच सफर होगा उड़नपंख से भी तेज!
Swaraj Times Desk: भारत आने वाले सालों में एक ऐतिहासिक पल का साक्षी बनने वाला है। दशक भर की मेहनत, जमीन अधिग्रहण, निर्माण और तकनीकी साझेदारी के बाद आखिरकार उस सपने की तारीख तय हो गई है, जिसका इंतजार देश लंबे समय से कर रहा था—भारत की पहली हाई-स्पीड बुलेट ट्रेन 15 अगस्त 2027 को देश को मिल जाएगी। यह घोषणा रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने नए साल के पहले दिन मीडिया से बातचीत में की।
नए साल 2026 पर आयोजित प्रेस मीट में जब उनसे बुलेट ट्रेन की लॉन्चिंग को लेकर सवाल किया, तो रेल मंत्री मुस्कुराए और बोले – “टिकट खरीद लीजिए, अगले साल बुलेट ट्रेन आ भी जाएगी!” इस हल्के-फुल्के अंदाज में उन्होंने देश को बड़ा संदेश भी दिया— काम सिर्फ कागज पर नहीं, पटरी पर भी तेजी से आगे बढ़ रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट – जमीन पर उतरते कदम
2025 में 16 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं सूरत में अंडर-कंस्ट्रक्शन बुलेट ट्रेन स्टेशन का निरीक्षण करने पहुंचे थे। उन्होंने निर्माण स्थल पर तकनीकी समीक्षा की और कर्मचारियों से मुलाकात कर कहा था –
“बुलेट ट्रेन भारत की पहचान है। यह उपलब्धि सरकार की नहीं, हर उस कर्मचारी की है जो इसे संभव बना रहा है।”
पीएम ने काम की गति और चुनौतियों पर सीधा संवाद किया और समय-बद्ध पूर्णता का लक्ष्य दोहराया।
कहां पहले दौड़ेगी बुलेट ट्रेन?
पहला ट्रैक मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर (MAHSR) पर बनेगा, जिसकी लंबाई लगभग 508 किलोमीटर है। इसका रोडमैप इस प्रकार है:
- 352 किलोमीटर – गुजरात और दादरा-नगर हवेली
- 156 किलोमीटर – महाराष्ट्र
रूट में शामिल प्रमुख शहर:
साबरमती, अहमदाबाद, आणंद, वडोदरा, भरूच, सूरत, बिलिमोरा, वापी, बोईसर, विरार, ठाणे और मुंबई
यात्रा समय अनुमान:
मुंबई–अहमदाबाद सफर जो अभी 6–7 घंटे में होता है, बुलेट ट्रेन से सिर्फ 2–2.5 घंटे में पूरा होगा।
निर्माण कितनी दूर पहुंचा?
MAHSR की निर्माण प्रगति भारत के बड़े इंफ्रा-रिकॉर्ड में गिनी जा सकती है—
- 85% कॉरिडोर पुलों पर बनाया जा रहा है
- 326 किलोमीटर पुल का काम पूरा
- 25 में से 17 पुल बनकर तैयार
इन आंकड़ों से साफ है कि पटरी केवल बनाई नहीं जा रही, तय समयसीमा से पहले तेज रफ्तार में आगे बढ़ रही है।
