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Iran Israel US War: युद्ध के बीच नेतृत्व परिवर्तन, तेहरान ने चुना नया अंतरिम सुप्रीम लीडर

Swaraj Times Desk: अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद ईरान की सत्ता संरचना में बड़ा बदलाव हुआ है। देश के सर्वोच्च नेता Ali Khamenei की मौत की पुष्टि के कुछ घंटों बाद वरिष्ठ धर्मगुरु Alireza Arafi को अंतरिम सुप्रीम लीडर नियुक्त किया गया है। यह फैसला ऐसे समय आया है जब क्षेत्र में तनाव चरम पर है और तेहरान बदले की चेतावनी दे रहा है।

अंतरिम नेतृत्व परिषद की भूमिका

ईरान के संविधान के अनुसार, सर्वोच्च नेता के निधन पर एक अंतरिम नेतृत्व परिषद जिम्मेदारी संभालती है। इस परिषद में राष्ट्रपति, मुख्य न्यायाधीश और गार्जियन काउंसिल का एक धर्मगुरु शामिल होता है। अंतिम निर्णय 88 सदस्यीय Assembly of Experts लेती है, जिसके पास देश की राजनीतिक और सैन्य संरचना पर अंतिम अधिकार है।

अराफी को इसी परिषद में जुरिस्ट सदस्य के रूप में शामिल किया गया है और वे तब तक सर्वोच्च जिम्मेदारियां निभाएंगे जब तक नए स्थायी नेता का चयन नहीं हो जाता।

कौन हैं अलीरेजा अराफी?

67 वर्षीय अराफी ईरान की धार्मिक व्यवस्था के प्रभावशाली चेहरों में गिने जाते हैं। वे असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स के उपाध्यक्ष रह चुके हैं और 2019 में Guardian Council के सदस्य भी रहे। यह वही संस्था है जो चुनावी उम्मीदवारों की जांच और संसद के कानूनों की समीक्षा करती है।

अराफी देशभर में फैली इस्लामी मदरसा प्रणाली के प्रमुख हैं और उन्होंने अल-मुस्तफा इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी की अध्यक्षता भी की है, जहां देश-विदेश के धर्मगुरुओं को प्रशिक्षण दिया जाता है। धार्मिक प्रतिष्ठा और संगठनात्मक अनुभव के कारण उन्हें संक्रमण काल में स्थिरता का चेहरा माना जा रहा है।

40 दिन का शोक और वैश्विक असर

खामेनेई की मौत के बाद ईरान ने 40 दिन के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है। इस बीच अमेरिका और इजरायल के साथ टकराव और तेज होने के संकेत हैं। पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी सैन्य अभियान जारी रखने की बात कही है।

ईरान में यह नेतृत्व परिवर्तन 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद सबसे बड़ा राजनीतिक मोड़ माना जा रहा है। अब दुनिया की नजर इस बात पर है कि नया नेतृत्व क्षेत्रीय तनाव को किस दिशा में ले जाएगा।

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