पूरे टूर्नामेंट से नहीं, सिर्फ भारत वाले मैच से दूरी बनाकर ICC को चकमा देने की रणनीति?
Swaraj Times Desk: आईसीसी टी20 वर्ल्ड कप 2026 शुरू होने से पहले ही क्रिकेट राजनीति गरमा गई है। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) अब तक टूर्नामेंट में भागीदारी पर अंतिम फैसला नहीं ले पाया है, लेकिन अंदरखाने एक अलग ही रणनीति पर चर्चा तेज है। खबरें हैं कि पाकिस्तान पूरी प्रतियोगिता का बहिष्कार नहीं करेगा, बल्कि भारत के खिलाफ होने वाले हाई-वोल्टेज मुकाबले से हटने का विकल्प तलाश रहा है।
माना जा रहा है कि PCB समझता है कि पूरे टूर्नामेंट से बाहर होने पर ICC सख्त कार्रवाई कर सकता है—जुर्माना, राजस्व कटौती और भविष्य के इवेंट्स पर असर जैसे परिणाम सामने आ सकते हैं। लेकिन अगर सिर्फ एक मैच नहीं खेला जाए, तो नियमों के तहत टीम को केवल दो अंक गंवाने पड़ सकते हैं। यही वजह है कि इसे कुछ विशेषज्ञ “रणनीतिक बहिष्कार” की संभावना मान रहे हैं।
इस मुद्दे पर PCB प्रमुख मोहसिन नकवी ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से मुलाकात भी की है। आधिकारिक बयान में कहा गया कि अंतिम फैसला जल्द लिया जाएगा। हालांकि अभी तक किसी औपचारिक बहिष्कार की घोषणा नहीं हुई है, लेकिन अटकलों ने माहौल गरमा दिया है।
इतिहास में भी ऐसे उदाहरण मिलते हैं जब टीमों ने सुरक्षा या राजनीतिक कारणों से मैच खेलने से इनकार किया। 1996 वर्ल्ड कप में ऑस्ट्रेलिया और वेस्टइंडीज ने श्रीलंका में मैच खेलने से मना किया था। 2003 में इंग्लैंड ने जिम्बाब्वे का दौरा नहीं किया। इन मामलों में टीमों को अंक गंवाने पड़े, लेकिन टूर्नामेंट से बाहर नहीं किया गया। पाकिस्तान शायद उसी मिसाल को आधार बना रहा है।
अगर भारत-पाक मुकाबला नहीं होता, तो ICC और प्रसारण भागीदारों को भारी आर्थिक झटका लग सकता है, क्योंकि यह मैच विश्व क्रिकेट के सबसे ज्यादा देखे जाने वाले मुकाबलों में शामिल होता है। ऐसे में ICC पर भी दबाव बढ़ेगा कि वह स्थिति को कूटनीतिक तरीके से संभाले।
फिलहाल तस्वीर साफ नहीं है, लेकिन इतना तय है कि क्रिकेट मैदान से ज्यादा लड़ाई बोर्डरूम और राजनीति के गलियारों में लड़ी जा रही है। दुनिया इंतजार कर रही है—क्या खेल जीतेगा या राजनीति?
