77वें गणतंत्र दिवस पर चीन की नरमी, शी जिनपिंग बोले– दोस्ती और साझेदारी से एशिया-दुनिया को मिलेगा फायदा
Swaraj Times Desk: भारत के 77वें गणतंत्र दिवस के मौके पर भारत-चीन संबंधों को लेकर एक अहम और सकारात्मक संकेत सामने आया है. चीन के राष्ट्रपति Xi Jinping ने भारत को शुभकामनाएं देते हुए दोनों देशों के रिश्तों पर खुलकर बात की है. उन्होंने कहा कि भारत और चीन सिर्फ अच्छे पड़ोसी ही नहीं, बल्कि दोस्त और साझेदार भी हैं, और दोनों का साथ चलना एशिया ही नहीं, पूरी दुनिया की शांति और समृद्धि के लिए जरूरी है.
चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक, शी जिनपिंग ने राष्ट्रपति Droupadi Murmu को गणतंत्र दिवस की बधाई दी. अपने संदेश में उन्होंने कहा कि भारत और चीन जैसे बड़े विकासशील देशों के बीच सहयोग वैश्विक स्थिरता के लिए बेहद अहम है. दोनों देशों की साझेदारी से न केवल क्षेत्रीय संतुलन मजबूत होगा, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा.
‘ड्रैगन और हाथी का साथ’ का जिक्र
शी जिनपिंग ने एक बार फिर अपने चर्चित रूपक का इस्तेमाल करते हुए कहा कि भारत और चीन का रिश्ता ऐसा होना चाहिए जैसे “ड्रैगन और हाथी एक साथ नाच रहे हों.” उनके अनुसार, यह प्रतीक इस बात को दर्शाता है कि दोनों देश प्रतिस्पर्धा की बजाय सहयोग के रास्ते पर चलें और मिलकर आगे बढ़ें. उन्होंने कहा कि चीन की नीति हमेशा से यही रही है कि भारत के साथ दोस्ताना और संतुलित संबंध बनाए जाएं.
बातचीत और सहयोग बढ़ाने की अपील
चीन के राष्ट्रपति ने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में दोनों देश आपसी संवाद को और मजबूत करेंगे. उन्होंने कहा कि अगर भारत और चीन एक-दूसरे की चिंताओं को समझते हुए समाधान निकालें, तो रिश्तों में स्थिरता और विश्वास बढ़ेगा. शी जिनपिंग के मुताबिक, सहयोग बढ़ाने से व्यापार, कूटनीति और क्षेत्रीय शांति जैसे मुद्दों पर सकारात्मक नतीजे सामने आ सकते हैं.
2020 के बाद रिश्तों में आई थी दरार
गौरतलब है कि वर्ष 2020 में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर हुई हिंसक झड़प के बाद भारत-चीन संबंधों में गंभीर तनाव आ गया था. उस घटना में दोनों देशों के सैनिकों की जान गई थी, जिसके बाद सीमा पर सैन्य तैनाती बढ़ा दी गई. हालांकि, बीते कुछ समय से दोनों देशों के बीच कूटनीतिक और सैन्य स्तर पर बातचीत के जरिए रिश्तों को सामान्य करने की कोशिशें चल रही हैं.
कूटनीतिक संदेश के मायने
विशेषज्ञों के अनुसार, गणतंत्र दिवस जैसे मौके पर शी जिनपिंग का यह संदेश सिर्फ औपचारिक शुभकामना नहीं, बल्कि एक कूटनीतिक संकेत भी है. यह बयान ऐसे समय आया है जब वैश्विक राजनीति में बड़े बदलाव हो रहे हैं और एशिया की भूमिका लगातार बढ़ रही है. ऐसे में ड्रैगन-हाथी की जोड़ी पर फिर से चर्चा तेज होना तय माना जा रहा है.
