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“संगठन की ताकत” वाली एक तस्वीर ने खोला सियासी मोर्चा – कांग्रेस में दो धड़े, बीजेपी का पलटवार तेज

Swaraj Times Desk: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह द्वारा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की संगठनात्मक क्षमता की तारीफ करते हुए किया गया सोशल मीडिया पोस्ट अब एक बड़े राजनीतिक विवाद में बदल चुका कांग्रेस के अंदर ही नेताओं की अलग–अलग प्रतिक्रिया सामने आ रही है – कोई दिग्विजय के समर्थन में तो कोई उनके खिलाफ खुलकर उतर आया है।

तस्वीर और पूरा विवाद

दिग्विजय सिंह ने 1990 के दशक की एक ब्लैक–एंड–व्हाइट तस्वीर शेयर की, जिसमें उस समय युवा नरेंद्र मोदी, गुजरात में एक कार्यक्रम में वरिष्ठ नेता एलके आडवाणी के पैरों के पास जमीन पर बैठे दिखाई देते हैं।
इस तस्वीर के साथ उन्होंने लिखा –

“जो लोग कभी जमीनी स्तर पर काम करते थे, वे संगठनात्मक पदानुक्रम में ऊपर उठकर मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री बन सकते हैं। यह संगठन की शक्ति है। जय सिया राम।”

उन्होंने इस पोस्ट में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, जयराम रमेश सहित कई नेताओं को टैग भी किया।
यही पोस्ट कांग्रेस के भीतर दरार का कारण बना।

मणिकम टैगोर का हमला – अल–कायदा से तुलना

कांग्रेस सांसद मणिकम टैगोर ने दिग्विजय सिंह के बयान को “फेमस सेल्फ–गोल” कहा और यहां तक कह दिया –

“RSS नफरत पर बना संगठन है। उससे सीखने जैसा क्या है? क्या आप अल–कायदा से सीख सकते हैं? वह भी नफरत से बना संगठन है।”

उन्होंने कहा कि कांग्रेस उस संगठन से सीखने का नाम नहीं ले सकती जो “गोडसे के विचारों” से जुड़ा हो, जबकि कांग्रेस महात्मा गांधी के नेतृत्व में लोगों को जोड़ने का संगठन रहा है।

टैगोर ने यह टिप्पणी भी जोड़ी —

“ऐसी बात राहुल जी के संघर्ष को मदद नहीं करती। हमें राहुल गांधी के साथ खड़ा होना चाहिए जो लोगों के लिए लड़ रहे हैं।”

कांग्रेस में दो धड़े – समर्थन और विरोध दोनों

इस पोस्ट के बाद पार्टी में दो तरह का माहौल देखने को मिला —
• कुछ नेता दिग्विजय के समर्थन में बोले — “उन्होंने संगठन की शक्ति की बात की, विचारधारा की नहीं।”
• जबकि दूसरा समूह इसे कांग्रेस की छवि के खिलाफ मान रहा है।

विवाद बढ़ने पर दिग्विजय सिंह ने सफाई देते हुए कहा —

“मैं RSS की विचारधारा का विरोधी हूं और रहूंगा। मैंने केवल उनकी संगठन क्षमता की शक्ति बताई है।”

BJP ने लिया मुद्दा – कांग्रेस पर तंज

दूसरी तरफ, बीजेपी ने इस मुद्दे को लपक लिया और कांग्रेस पर हमला बोलना शुरू कर दिया।
पार्टी प्रवक्ता सीआर केसवन ने कहा —

“दिग्विजय के बयान ने कांग्रेस के तानाशाही नेतृत्व को उजागर कर दिया है। क्या राहुल गांधी में हिम्मत है कि वह इस सच पर प्रतिक्रिया दें?”

बीजेपी के अनुसार यह मामला “कांग्रेस की अंदरूनी असहमति और दिशाहीन स्थिति” का एक प्रमाण है। एक तस्वीर ने कांग्रेस के अंदर वैचारिक मतभेद उजागर कर दिए हैं। पार्टी जहां राहुल गांधी के नेतृत्व को मजबूत दिखाने की कोशिश कर रही है, वहीं दिग्विजय सिंह का यह पोस्ट राजनीतिक रूप से भारी पड़ता दिख रहा है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि कांग्रेस इस आंतरिक असहजता को कैसे संभालती है – और क्या इस मुद्दे पर आधिकारिक बयान जारी किया जाएगा।

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