6 जनवरी 2026 को सकट चौथ व्रत, चंद्र दर्शन से पहले जान लें पूजा का शुभ समय, सामग्री और संपूर्ण विधि
Swaraj Times Desk: Sakat Chauth 2026 का पावन व्रत इस वर्ष 6 जनवरी 2026 को रखा जाएगा. यह व्रत विशेष रूप से माताएं अपनी संतान की लंबी उम्र, सुख-समृद्धि, सफलता और रक्षा के लिए करती हैं. सकट चौथ को संकष्टी चतुर्थी भी कहा जाता है और इस दिन भगवान गणेश की विधि-विधान से पूजा करने का विशेष महत्व है. मान्यता है कि इस व्रत से घर में रिद्धि-सिद्धि, शुभ-लाभ और विघ्नों का नाश होता है.
सकट चौथ 2026 पूजा मुहूर्त और तिथि
- चतुर्थी तिथि प्रारंभ: 6 जनवरी 2026, सुबह 08:01 बजे
- चतुर्थी तिथि समाप्त: 7 जनवरी 2026, सुबह 06:52 बजे
- पूजा मुहूर्त: रात 07:21 से रात 09:03 बजे तक
- चंद्र उदय: रात 08:54 बजे
सकट चौथ का व्रत सूर्योदय से चंद्रोदय तक निर्जला रखा जाता है और चंद्र दर्शन के बाद ही पारण किया जाता है.
सकट चौथ पूजा सामग्री
- गणेश जी की मूर्ति या चित्र
- लकड़ी की चौकी, लाल या पीला कपड़ा
- जनेऊ, सुपारी, पान का पत्ता
- तिल, गुड़, तिल के लड्डू
- गाय का घी, फूल, लाल पुष्प
- दूर्वा (21 गांठ), अक्षत, रोली
- हल्दी, मौली, सिंदूर
- गंगाजल, धूप, दीप, आरती पुस्तक
सकट चौथ पूजा मंत्र
पूजा के समय इन मंत्रों का जाप करना शुभ माना जाता है—
- ॐ वक्रतुण्ड महाकाय सूर्य कोटि समप्रभ।
निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा॥ - ॐ गणपतये नमः
- ॐ वक्रतुण्डाय नमः
- ॐ विकटाय नमः
108 बार ॐ गणेशाय नमः का जप विशेष फलदायी माना गया है.
सकट चौथ पूजा विधि
- प्रातःकाल तिल मिले जल से स्नान करें.
- गणेश जी का ध्यान कर व्रत का संकल्प लें.
- मूर्ति को पंचामृत से स्नान कर वस्त्र अर्पित करें.
- तिल-गुड़ के लड्डू और फल का भोग लगाएं.
- मंत्र जाप और आरती करें.
- सकट चौथ व्रत कथा का पाठ करें.
- चंद्र उदय पर अर्घ्य देकर व्रत का पारण करें.
सकट चौथ व्रत कथा
पौराणिक कथा के अनुसार, एक निर्धन स्त्री सच्चे मन से सकट चौथ का व्रत करती थी. उसकी भक्ति से प्रसन्न होकर भगवान गणेश स्वयं उसके घर पधारे और उसे अपार धन-संपत्ति का आशीर्वाद दिया. वहीं, लालच में की गई पूजा निष्फल रही. इस कथा से शिक्षा मिलती है कि सच्ची श्रद्धा और निष्ठा से किया गया व्रत ही फल देता है.
